अमेरिका की Central Command (CENTCOM) ने ईरान के बंदरगाहों और तटों की घेराबंदी शुरू कर दी है। इस बड़े ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने 12 जहाज, 100 विमान और 10,000 से ज्यादा सैनिकों को मैदान में उतारा है। यह कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 से लागू हुई है ताकि ईरान के समुद्री रास्तों पर दबाव बनाया जा सके।

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अमेरिका की इस नाकेबंदी के क्या नियम हैं?

CENTCOM ने साफ तौर पर बताया है कि यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान के बंदरगाहों और तटों के लिए है। Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को बंद नहीं किया गया है, ताकि अन्य देशों के जहाज बिना किसी रुकावट के आ-जा सकें। अब अमेरिकी सेना उन जहाजों की भी तलाशी ले सकती है जिन पर प्रतिबंधित सामान होने का शक है या जो अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आते हैं।

ईरान और अमेरिका के बड़े अधिकारियों ने क्या कहा?

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि आदेश मिलने पर वे ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी सेक्टर पर हमला कर सकते हैं। दूसरी ओर, राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक डील होने के करीब हैं, जिसमें ईरान अपने यूरेनियम भंडार को छोड़ सकता है। वहीं ईरान ने इसे युद्ध की तैयारी बताया है और धमकी दी है कि अगर नाकेबंदी नहीं हटी तो वे फारस की खाड़ी और लाल सागर के रास्तों को पूरी तरह बंद कर देंगे।

ऑपरेशन और तैनाती की मुख्य जानकारी

विवरण जानकारी
कुल सैनिक 10,000 से ज्यादा
जहाज और विमान 12 जहाज और 100 विमान
शुरुआत की तारीख 13 अप्रैल 2026
आर्थिक ऑपरेशन Operation Economic Fury
नियम पालन 14 जहाज वापस मुड़े
मुख्य लक्ष्य ईरानी पोर्ट्स और तट रेखा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.