US-Iran Tension: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, IRGC ने दी सैन्य जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के समुद्री बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है, जिससे वहां का व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। अब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ कर दिया है कि अगर यह घेराबंदी नहीं हटी, तो उनकी सेना इसका सैन्य जवाब दे सकती है।
अमेरिका की घेराबंदी और मौजूदा हालात क्या हैं?
अमेरिका के सेंटकॉम (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी लागू की है। एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि शुरुआती 48 घंटों में कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना को पार नहीं कर पाया और आर्थिक व्यापार पूरी तरह बंद हो गया है। हालांकि, मानवीय सहायता जैसे भोजन और दवाइयों को जांच के बाद आने-जाने की छूट दी गई है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि इस दौरान ईरान द्वारा कोई भी फायरिंग करना उनके लिए नुकसानदेह होगा।
ईरान के अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेताओं ने अमेरिका के इस कदम को अवैध बताया है। IRGC के डिप्टी पॉलिटिकल चीफ ने कहा कि इस घेराबंदी से सशस्त्र बल उकसावे में आ सकते हैं। मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही के अनुसार, यह कार्रवाई युद्धविराम के समझौते के खिलाफ है। वहीं, ईरान के यूएन राजदूत आमिर सईद इरावानी ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है। सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई ने युद्धविराम बढ़ाने का विरोध करते हुए कहा कि ईरान लंबे युद्ध के लिए तैयार है।
| तारीख | मुख्य घटना/बयान |
|---|---|
| 12 अप्रैल 2026 | IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दुश्मन को फंसाने की चेतावनी दी |
| 13 अप्रैल 2026 | अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की |
| 14 अप्रैल 2026 | ईरान के यूएन राजदूत ने इस कदम को अवैध हमला बताया |
| 15 अप्रैल 2026 | मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने युद्धविराम उल्लंघन की बात कही |
| 16 अप्रैल 2026 | IRGC डिप्टी चीफ ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी |
| 16 अप्रैल 2026 | सेंटकॉम ने व्यापार पूरी तरह बंद होने की पुष्टि की |