अमेरिका की मिलिट्री सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, 4 जून 2026 तक कुल 127 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला जा चुका है और बात न मानने वाले 6 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है क्योंकि हाल ही में कुवैत हवाई अड्डे पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति काफी बिगड़ गई है।
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर क्यों लगाई है इतनी सख्त पाबंदी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर यह दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि वह एक नए समझौते पर राजी हो। इस समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर और सख्त नियम लगाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को हमेशा के लिए खुला रखने की मांग की गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संसद में कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले ईरान पर से कोई प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के मुख्य वार्ताकार अराक्ची ने कहा है कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में फिलहाल कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
कुवैत पर ड्रोन हमले के बाद खाड़ी देशों में बढ़ा बड़ा खतरा
समुद्री नाकेबंदी के बीच ही कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक ईरानी ड्रोन हमला हुआ था। इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई और कम से कम 63 लोग घायल हो गए। इसके बाद कुवैत सरकार को अपनी सभी कमर्शियल उड़ानें सस्पेंड करनी पड़ीं। कुवैत की सेना ने हमले के दौरान 13 बैलिस्टिक मिसाइलों और 17 ड्रोनों को हवा में मार गिराया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर बने ड्रोन कंट्रोल स्टेशनों पर हवाई हमले किए हैं। इस पूरे तनाव से खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्या समुद्र में जहाजों का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया है?
अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद कुछ जहाजों को जाने की छूट दी जा रही है। अमेरिकी कमांड CENTCOM ने मानवीय सहायता लेकर जा रहे 36 जहाजों को जाने की अनुमति दी है। खाड़ी के इस जलमार्ग में कुछ जहाजों की आवाजाही चोरी-छिपे भी हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 300 गैर-ईरानी जहाजों ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के साथ तालमेल बिठाकर इस रास्ते को पार किया है। वहीं ओमान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अमेरिका के दबाव के बावजूद ईरान से अपने संबंध खत्म करने से इनकार कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान के कितने जहाजों को रोका है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 127 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला गया है, 6 जहाजों को कार्रवाई करके बेकार किया गया है और 36 मानवीय सहायता वाले जहाजों को जाने की अनुमति दी गई है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में कितना नुकसान हुआ है?
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ईरानी ड्रोन हमले में 1 नागरिक की मौत हुई और 63 लोग घायल हुए हैं, जिसके बाद कुवैत को अपनी सभी नागरिक उड़ानें रोकनी पड़ीं।
