अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और Strait of Hormuz के कुछ हिस्सों की घेराबंदी कर दी है। US Central Command के मुताबिक पिछले 48 घंटों से कोई भी जहाज ईरान के पोर्ट से अंदर या बाहर नहीं गया है। इस बड़े कदम से पूरी दुनिया के व्यापार और समुद्री रास्तों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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अमेरिका की घेराबंदी और उसके कड़े नियम क्या हैं?

अमेरिकी सेना ने यह ऑपरेशन सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे शुरू किया। इस घेराबंदी को लागू करने के लिए अमेरिका ने भारी सैन्य ताकत तैनात की है।

विवरण जानकारी
तैनात सेना 10,000 से ज़्यादा जवान
सैन्य साधन दर्जन भर युद्धपोत और कई विमान
मुख्य नियम बिना अनुमति जहाज आने पर उसे पकड़ा जा सकता है
छूट खाना और दवाइयों वाले जहाजों की जांच के बाद अनुमति
प्रभावित क्षेत्र ईरान का तट और Gulf of Oman का हिस्सा

ईरान और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान ने अमेरिका के इस कदम को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है। ईरान के सैन्य कमांडर अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि अगर यह घेराबंदी जारी रही तो ईरान भी फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में व्यापार पूरी तरह बंद कर देगा।

  • यूनाइटेड किंगडम: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि वे अमेरिका की इस घेराबंदी का समर्थन नहीं करेंगे।
  • चीन: चीन ने इस कदम की आलोचना की और कहा कि इससे तनाव बढ़ेगा और समुद्री रास्ता असुरक्षित हो जाएगा।
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है।

जहाजों की आवाजाही और ताज़ा हालात क्या हैं?

CENTCOM का दावा है कि घेराबंदी पूरी तरह सफल रही है और 6 व्यापारिक जहाजों को वापस मोड़ दिया गया। हालांकि, कुछ शिपिंग डेटा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कुछ जहाज अपनी पहचान छुपाकर (spoofing) रास्ते से गुज़रे हैं। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत विफल हो गई है और 22 अप्रैल को युद्धविराम की समय सीमा खत्म हो रही है।