US Blockade on Iran: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को किया ब्लॉक, अब ईरान दे रहा है व्यापार रोकने की धमकी

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे वहां का समुद्री व्यापार रुक गया है। इस बीच पाकिस्तान के आर्मी चीफ शांति की कोशिश में तेहरान पहुंचे हैं, लेकिन ईरान की सेना अब और कड़ा रुख अपना रही है।

अमेरिका ने क्या किया और ईरान का क्या जवाब है?

यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों को ब्लॉक करने का प्लान पूरा कर लिया है। अमेरिकी सेना ने महज 36 घंटे के अंदर ईरान से होने वाले सभी समुद्री व्यापार को रोक दिया। इसके जवाब में ईरान के टॉप मिलिट्री कमांड सेंटर के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोलाही ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने नाकेबंदी जारी रखी, तो वे फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी और लाल सागर में सारा व्यापार बंद कर देंगे।

पाकिस्तान और चीन की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे हैं। वे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू करवाना चाहते हैं ताकि पिछले सात हफ्ते से चल रहे इस संघर्ष को खत्म किया जा सके। वहीं, चीन के विदेश मंत्री वांग ने कहा कि ईरान की संप्रभुता और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन साथ ही समुद्र में जहाजों की आवाजाही और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।

ईरान के अंदर क्या हालात हैं?

ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी एजेई ने न्यायिक सिस्टम को युद्ध की मुद्रा (War Posture) में रहने का आदेश दिया है। वहीं, सुप्रीम लीडर के एक नए सैन्य सलाहकार अब युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। ईरान के आर्मी चीफ ने यह भी दावा किया कि उनके वायु सेना को तबाह करने के दावे गलत हैं और उन्होंने हाल ही में अपनी सीमा में घुसे एक बाहरी विमान को जवाब दिया है।

मुख्य बिंदु विवरण
अमेरिकी कार्रवाई 36 घंटे में ईरान के सभी बंदरगाह ब्लॉक किए गए
ईरान की धमकी फारस की खाड़ी और लाल सागर में व्यापार रोकने की चेतावनी
पाकिस्तान की कोशिश आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का तेहरान दौरा
चीन का स्टैंड ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करने की बात कही
न्यायिक आदेश न्यायपालिका को ‘वार पोस्चर’ अपनाने का निर्देश
हमलों की खबर 13 अप्रैल को केशम द्वीप के बंदरगाह पर हवाई हमले हुए
युद्धविराम सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार सीजफायर विस्तार के खिलाफ