अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, 29 जहाजों को वापस लौटने को कहा, रोजाना 500 मिलियन डॉलर का हो रहा नुकसान

अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री विवाद अब और गहरा गया है। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने अब तक 29 जहाजों को वापस लौटने या पोर्ट पर जाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी नाकाबंदी (blockade) के तहत की गई है। इस तनाव के कारण समुद्री रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

नाकाबंदी के नियम क्या हैं और ईरान को कितना नुकसान हुआ

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर यह नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से लागू हुई थी। यह नियम उन सभी जहाजों पर लागू होता है जो ईरान के पोर्ट्स या तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस नाकाबंदी की वजह से ईरान को हर दिन करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि जो जहाज गैर-ईरानी पोर्ट्स के लिए Strait of Hormuz से गुजर रहे हैं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।

जहाजों की जब्ती और समुद्री हमलों का ताजा अपडेट

पिछले कुछ दिनों में कई जहाजों पर कार्रवाई हुई है। US Navy ने M/V Touska नाम के जहाज को निष्क्रिय कर अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि M/T Tifani को इंडियन ओशन में बोर्ड किया गया। इसके अलावा, M/V Hero II और Hedy को पहले ही रोक लिया गया था। दूसरी तरफ, Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर हमले की खबर आई है, जिनमें Euphoria, MSC Francesca और Epaminondas शामिल हैं। इनमें से कुछ को IRGC ने अपने कब्जे में ले लिया है।

सीजफायर और मौजूदा स्थिति क्या है

पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर करवाने में मदद की थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर को तो आगे बढ़ा दिया है, लेकिन उन्होंने साफ कहा है कि जब तक ईरान की तरफ से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आता, नाकाबंदी जारी रहेगी। ईरान ने इस कार्रवाई को सीजफायर का उल्लंघन बताया है। ईरान ने 17 अप्रैल को Strait of Hormuz को कुछ समय के लिए खोला था, लेकिन 18 अप्रैल को इसे फिर से बंद कर दिया गया और नियंत्रण वापस अपनी सेना को दे दिया।