US Iran Blockade: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, तैनात किए 12 जहाज और 100 विमान, ट्रेड हुआ बंद

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा की पूरी तरह घेराबंदी कर दी है। US Central Command (CENTCOM) ने इस बड़े ऑपरेशन के लिए 10 हजार से ज्यादा सैनिक, 12 से ज्यादा जहाज और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए हैं। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद ईरान के समुद्री व्यापार को रोकना है ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके।

अमेरिका ने किन रास्तों पर लगाई रोक और क्या हैं नियम?

अमेरिका ने सोमवार 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर रोक लगा दी। यह घेराबंदी अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित ईरान के सभी पोर्ट्स पर लागू है। अमेरिका ने साफ किया है कि Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को बंद नहीं किया गया है और वहां से अन्य देशों के जहाजों को आने-जाने की पूरी आजादी है।

अमेरिकी नेवी ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाएंगे या वहां से आएंगे, उन्हें रोका जाएगा और जब्त किया जा सकता है। शुरुआत के 48 घंटों में कई व्यापारी जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा।

इस सैन्य अभियान में कितनी ताकत लगाई गई है?

इस ऑपरेशन को चलाने के लिए अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स ने भारी ताकत झोंकी है। इसमें USS Abraham Lincoln जैसे बड़े विमानवाहक जहाज और USS Tripoli जैसे जहाज शामिल हैं। साथ ही F-35C, F-16 और F-18 जैसे लड़ाकू विमानों और P-8 Poseidon जैसे निगरानी विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इससे ईरान का समुद्री व्यापार लगभग खत्म हो गया है। ईरान की अर्थव्यवस्था का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा समुद्री व्यापार पर निर्भर है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ यह विवाद अब खत्म होने के करीब है।

विवरण संख्या या जानकारी
कुल अमेरिकी सैनिक 10,000 से ज्यादा
नौसैनिक जहाज 12 से ज्यादा (USS Abraham Lincoln, USS Tripoli आदि)
कुल विमान 100 से ज्यादा (F-16, F-35C, F-18, MQ-4 Triton)
लागू होने की तारीख 13 अप्रैल 2026
प्रभावित क्षेत्र ईरान के बंदरगाह और तटरेखा

ईरान की प्रतिक्रिया और अन्य देशों का रुख क्या है?

ईरान के सैन्य कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर यह घेराबंदी नहीं हटाई गई, तो वे पूरी खाड़ी क्षेत्र के व्यापार को ठप कर देंगे। दूसरी तरफ, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने उन वित्तीय संस्थानों को भी चेतावनी दी है जो ईरान के साथ व्यापार करेंगे, उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।