अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दुनिया को एक नया सुरक्षा कवच दिया है. अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ कहा है कि अब ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर कोई नियंत्रण नहीं रहा. इस कदम से दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से इस रास्ते पर फंसे हुए थे.

Project Freedom क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?

अमेरिका ने 4 मई 2026 को ‘Project Freedom’ नाम से एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया. इसका मुख्य मकसद उन सैकड़ों जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है जो खाड़ी में फंसे हुए थे. Secretary Hegseth ने बताया कि यह एक अस्थायी और रक्षात्मक कदम है ताकि आम व्यापारिक जहाजों को ईरानी हमलों से बचाया जा सके. बता दें कि ईरान ने 28 फरवरी 2026 से इस रास्ते को ब्लॉक कर रखा था और आने-जाने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा था या उन्हें रास्ता देने से मना कर रहा था.

ईरान और अमेरिका के बीच ताज़ा टकराव और वर्तमान स्थिति

  • अमेरिकी नेवी की कार्रवाई: 5 मई 2026 को दो अमेरिकी नेवी डिस्ट्रॉयर्स ने ईरानी ड्रोन, मिसाइलों और छोटी नावों के हमले के बीच से सफलतापूर्वक रास्ता पार किया. इस दौरान किसी भी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुँचा.
  • ईरान का पलटवार: ईरान ने इसके जवाब में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और एक तेल टैंकर को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन दागे.
  • युद्धविराम की स्थिति: जनरल Dan Caine ने बताया कि 8 अप्रैल के युद्धविराम के बाद से ईरान ने 10 से ज़्यादा बार अमेरिका पर हमले किए हैं. हालांकि, अमेरिका का मानना है कि अभी युद्ध पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है.
  • कड़ी चेतावनी: अमेरिका ने साफ किया है कि वह लड़ाई नहीं चाहता, लेकिन अगर किसी भी व्यापारिक जहाज पर हमला हुआ तो उसका जवाब बहुत विनाशकारी होगा.

अमेरिकी सरकार ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी लागू की थी. यह फैसला तब लिया गया जब इस्लामाबाद वार्ता विफल हो गई. अमेरिका का कहना है कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को रोकने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कब शुरू की?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी शुरू की थी. यह कदम इस्लामाबाद वार्ता के विफल होने के बाद उठाया गया.

Project Freedom का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस ऑपरेशन का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे सैकड़ों व्यापारिक जहाजों के लिए एक सुरक्षित रास्ता खोलना है ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के चल सके.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.