अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र में बढ़ गया है। US General Dan Caine के मुताबिक, Strait of Hormuz में अमेरिकी नाकेबंदी की वजह से अब तक 13 जहाज़ वापस लौट चुके हैं। इस फैसले से ईरान के व्यापार पर बुरा असर पड़ा है और वैश्विक बाजार में हलचल बढ़ गई है।
अमेरिका ने यह नाकेबंदी क्यों की और इसके नियम क्या हैं?
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों पर पाबंदी लगा दी। यह कदम तब उठाया गया जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल रही। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू है। जो जहाज़ बिना अनुमति के इस इलाके में घुसेंगे, उन्हें रोका जाएगा या कब्ज़े में ले लिया जाएगा।
ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन मान रहा है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर यह नाकेबंदी जारी रही, तो वह भी गल्फ और लाल सागर के व्यापार में बाधा पैदा करेगा। वहीं, चीन ने अमेरिका के इस फैसले को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे।
नाकेबंदी से जुड़े मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकेबंदी की शुरुआत | 13 अप्रैल 2026 |
| वापस लौटे जहाज़ों की संख्या | 13 |
| ईरान का अनुमानित दैनिक नुकसान | 400 मिलियन डॉलर |
| शांति वार्ता का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| युद्ध की शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| नाकेबंदी लागू करने वाली एजेंसी | CENTCOM |
| मुख्य अधिकारी | General Dan Caine |
