अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच समुद्री व्यापार मार्ग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। United States Central Command (CENTCOM) ने घोषणा की है कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी शुरू होने के बाद से Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में अब तक 121 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है। इस कार्रवाई से इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है।

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CENTCOM ने जहाजों को लेकर क्या जानकारी दी है?

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। बयान के अनुसार, ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी के तहत 1 जून 2026 तक कुल 121 कमर्शियल जहाजों को वापस अपनी बर्थ या बंदरगाह पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। अमेरिकी सेना लगातार इस क्षेत्र पर नजर रख रही है।

अमेरिकी सेना ने कितने जहाजों को बीच रास्ते में रोका?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नाकेबंदी के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए सेना कड़े कदम उठा रही है। अमेरिकी बलों ने अब तक पांच कमर्शियल जहाजों को बीच रास्ते में रोककर जांच की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन न कर सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में जहाजों का रास्ता क्यों बदला जा रहा है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी का कड़ाई से पालन कराने के लिए जहाजों का रास्ता बदला जा रहा है।

इस अमेरिकी नाकेबंदी के तहत अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

1 जून 2026 तक कुल 121 कमर्शियल जहाजों को वापस बंदरगाह लौटने को कहा गया है और 5 जहाजों को अमेरिकी सेना ने बीच में रोककर जांच की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.