US ने बढ़ाई ईरान की घेराबंदी, मध्य पूर्व में तैनात किए 20 से ज्यादा युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर

Sushma Kumari9 August 20263 min read66 viewsWorld
US ने बढ़ाई ईरान की घेराबंदी, मध्य पूर्व में तैनात किए 20 से ज्यादा युद्धपोत और एयरक्राफ्ट कैरियर

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने अपनी समुद्री नाकाबंदी को और अधिक सख्त बनाते हुए इलाके में 20 से ज्यादा युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी है कि उनके बलों ने कई वाणिज्यिक जहाजों को रास्ते से हटाया और कुछ की जांच भी की है। इस पूरे घटनाक्रम का असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ रहा है।

सेंट्रल कमांड की कड़ी कार्रवाई और आंकड़े

CENTCOM के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिकी बलों ने अब तक 53 वाणिज्यिक जहाजों को उनके तय रास्ते से दूसरी तरफ भेजा है, दो जहाजों को निष्क्रिय किया है और दो अन्य जहाजों पर बोर्डिंग की कार्रवाई की है। इसके अलावा, मानवीय सहायता ले जाने वाले 30 से ज्यादा जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया गया है। अमेरिकी नाविक USS अब्राहम लिंकन पर F/A-18E सुपर हॉरनेट विमानों की मरम्मत और रखरखाव का काम कर रहे हैं ताकि नाकाबंदी को पूरी मुस्तैदी से लागू किया जा सके। इस ऑपरेशन में USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और USS बॉक्सर एम्फीबियस असॉल्ट शिप भी शामिल हैं।

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ईरान की हरकतें और अमेरिकी चेतावनी

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी अरब देशों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, जिसके बाद अमेरिका इस आक्रामकता के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहरा रहा है। CENTCOM ने यह भी साफ किया कि ओमान की खाड़ी में ईरानी जहाजों की संख्या दो दिन में 11 से घटकर शून्य हो गई है। अमेरिका ने अपने इस समुद्री प्रतिबंध का दायरा पूरी दुनिया के समुद्रों तक बढ़ा दिया है। इसके तहत अमेरिकी सेना को किसी भी ऐसे जहाज की तलाशी लेने और उसे रोकने का अधिकार मिल गया है जिस पर हथियार, ड्रोन, तेल या अन्य संदिग्ध सामान ले जाने का शक हो। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस नीति का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित कमर्शियल शिपिंग रूट तैयार करना है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक रेबेका ग्रांट ने ईरान पर दबाव बनाने का सबसे असरदार कूटनीतिक तरीका बताया है।

ईरान की तरफ से रखी गई कड़ी शर्तें

इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बागेर जोल्घाद्र ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से दोबारा खोलने के लिए सख्त शर्तें रखी हैं। इन मांगों में अमेरिका द्वारा ईरान को दी जा रही धमकियों को बंद करना, दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करना, अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना, ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना को वापस बुलाना, युद्ध के नुकसान का पूरा मुआवजा देना और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बिना किसी शर्त के छोड़ना शामिल है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ओमान के साथ नए समुद्री रास्तों पर बातचीत अंतिम चरण में होने की बात कही है। इस बीच, क्षेत्र में अन्य घटनाओं के तहत UAE का एक ADNOC टैंकर 8 अगस्त 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मिसाइल का शिकार बना और यमन के हूती विद्रोहियों ने 9 अगस्त 2026 को सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा किया है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।

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