अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम बैठक में ईरान पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिका का कहना है कि समुद्री रास्तों में बारूद यानी माइन्स बिछाने की वजह से ईरान अब एक अंतर्राष्ट्रीय अपराधी बन गया है। इस पूरे मामले ने दुनिया भर के व्यापार और खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण रास्ते अब खतरे में हैं।
अमेरिका और अन्य देशों ने ईरान पर क्या आरोप लगाए?
सुरक्षा परिषद के सत्र के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि Mike Waltz ने साफ कहा कि ईरान समुद्री रास्तों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहा है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की कोई निजी संपत्ति नहीं है और वहां जहाजों से वसूले जाने वाले पैसे असल में रिश्वत हैं। अमेरिका ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर हजारों मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। वहीं फ्रांस के विदेश मंत्री Jean Noel Barrot ने कहा कि ईरान ने अब सारी लाल रेखाएं पार कर ली हैं और समुद्री रास्तों का सैन्यीकरण करना बिल्कुल गलत है।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या चेतावनी दी?
- संयुक्त राष्ट्र: महासचिव Antonio Guterres ने कहा कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक बड़ी परीक्षा है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में रास्ता रुका, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा।
- IMO: अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव Arsenio Dominguez ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून में ऐसा कोई नियम नहीं है जो किसी देश को अपने तट के पास वाले जलडमरूमध्य में जहाजों से शुल्क लेने की इजाजत दे।
- बहरीन: बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif Al Zayani ने चेतावनी दी कि ईरान की इन हरकतों से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा खतरा हो सकता है।
इस विवाद से जुड़ी अब तक की मुख्य बातें क्या हैं?
इस तनाव के बीच 11 मार्च 2026 को सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव नंबर 2817 पास किया था। बहरीन द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में ईरान द्वारा खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई थी। वहीं संयुक्त राष्ट्र के माइन्स एक्सपर्ट Paul Heaslop ने बताया कि समुद्र से बारूद हटाना बहुत मुश्किल और खतरनाक काम है। इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने निर्देश दिए थे कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूद बिछाने वाली किसी भी नाव पर गोली चलाई जाए। बहरीन इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है और इसी के बुलावे पर यह बैठक हुई।