अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन के कैपिटल हिल पर ‘The Human Cost of Terrorism’ नाम की एक प्रदर्शनी लगाई गई। यह प्रदर्शनी 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले की पहली बरसी पर आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में कई अमेरिकी सांसदों, राजनयिकों और आम लोगों ने हिस्सा लिया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बात कही।

पहलगाम हमला और प्रदर्शनी की खास बातें

यह प्रदर्शनी वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें उन लोगों की यादें और तस्वीरें दिखाई गईं जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले में मारे गए थे। इस आतंकी हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। प्रदर्शनी में पीड़ितों के निजी सामान और उनके बचे हुए साथियों की आपबीती भी दिखाई गई ताकि दुनिया को आतंकवाद के दर्द और उसकी कीमत का पता चल सके।

अमेरिकी नेताओं ने पाकिस्तान और आतंकी समूहों को क्या कहा?

प्रदर्शनी के दौरान अमेरिकी सांसदों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने पर जोर दिया। अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तान सरकार से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठनों पर नकेल कसने को कहा। उन्होंने कहा कि लश्कर का संबंध पहलगाम हमले से था और उसे पाकिस्तान में पनाह मिली हुई है। वहीं, डेविड टेलर ने भारत को अमेरिका का एक बहुत जरूरी साथी बताया और दुनिया भर में आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी नीति बनाने की मांग की।

भारतीय दूतावास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने आतंकवाद को इंसानियत पर एक कलंक बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया को मिलकर इस समस्या का सामना करना होगा। यह प्रदर्शनी भारत के आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख को दिखाने के लिए लगाई गई थी। इससे पहले जुलाई 2025 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में भी ऐसी ही एक पहल की थी। इस हमले के बाद भारत ने ‘Operation Sindoor’ शुरू किया था जिससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.