अमेरिका के Central Command (CENTCOM) के Navy Adm. Brad Cooper ने एक बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि Middle East क्षेत्र में Iran सबसे जटिल और लगातार बना रहने वाला खतरा रहा है। अमेरिकी सेना ने Operation Epic Fury के जरिए ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है जिससे अब क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति बदल गई है।

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ईरान की सैन्य ताकत को कितना नुकसान पहुँचा?

Adm. Brad Cooper ने U.S. Senate Armed Services Committee के सामने गवाही देते हुए बताया कि ईरान का डिफेंस सेक्टर 90% तक पीछे चला गया है। अमेरिकी सेना ने कुल 1,450 से ज्यादा हमले किए जिससे ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन और नौसेना के औद्योगिक आधार का 85% हिस्सा तबाह हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के पास मौजूद 8,000 नौसेना माइन्स में से 90% को नष्ट कर दिया गया है और ईरान को अपनी नौसेना दोबारा खड़ी करने में एक पूरी पीढ़ी का समय लग सकता है।

क्षेत्रीय समूहों और सहयोगी देशों पर क्या असर हुआ?

  • प्रॉक्सी ग्रुप्स: लेबनान में Hezbollah, यमन में Houthis और गाजा में Hamas अब ईरान के हथियारों और मदद से पूरी तरह कट चुके हैं।
  • सहयोगी देश: इस ऑपरेशन में Jordan को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया जबकि Saudi Arabia, UAE, Bahrain, Kuwait और Qatar ने अमेरिका का पूरा साथ दिया।
  • यूक्रेन की मदद: अमेरिका ने एंटी-ड्रोन वॉरफेयर के लिए Ukraine की सेना की तकनीक और तरीकों का इस्तेमाल किया जिससे अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा बढ़ी।

व्यापार और Strait of Hormuz की ताज़ा स्थिति क्या है?

Adm. Brad Cooper के मुताबिक Strait of Hormuz में व्यापार रोकने की ईरान की ताकत अब बहुत कम हो गई है। हालांकि, व्यापारिक जहाजों और इंश्योरेंस कंपनियों के बीच अभी भी ईरान की धमकियों का डर बना हुआ है। जानकारी के मुताबिक 13 अप्रैल से जारी नाकाबंदी के दौरान अमेरिकी सेना ने 67 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, 4 जहाजों को रोका और 15 मानवीय सहायता वाले जहाजों को गुजरने दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Operation Epic Fury क्या था?

यह ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा चलाया गया 38 दिनों का बमबारी अभियान था जिसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता और डिफेंस इंडस्ट्री को नष्ट करना था।

क्या ईरान अब पूरी तरह बेअसर हो गया है?

नहीं, एडमिरल कूपर ने बताया कि ईरान के पास अभी भी सीमित क्षमता है जिससे वह हमले कर सकता है और वहां की Revolutionary Guard अभी भी देश में काफी अधिकार रखती है।