अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि उसने ईरान की हवाई सुरक्षा और मिसाइल प्रणालियों को काफी हद तक तबाह कर दिया है। 2 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि अमेरिकी सेना ने पिछले एक महीने में 13,000 से अधिक लड़ाकू उड़ानें भरी हैं। इस दौरान ईरान के 12,300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों और 155 जहाजों को निशाना बनाया गया है। राष्ट्रपति Donald Trump और रक्षा मंत्री Pete Hegseth के अनुसार ईरान की जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता अब लगभग खत्म हो गई है।

अमेरिकी हमलों से अब तक ईरान को क्या नुकसान हुआ?

अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर गहराई में बने भूमिगत सैन्य ठिकानों पर सटीक मिसाइलें गिराई हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के मिसाइल लॉन्च केंद्रों को बेकार करना था। US Central Command का कहना है कि इजरायल के साथ मिलकर किए गए इन हमलों ने ईरान के एयर डिफेंस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ दिया है। इसके अलावा समुद्र में भी ईरान के कई युद्धपोतों और जहाजों को नष्ट किया गया है।

अटैक का विवरण कुल संख्या या स्थिति
नष्ट किए गए सैन्य लक्ष्य 12,300 से ज्यादा
ईरानी जहाजों को नुकसान 155 से अधिक
कुल लड़ाकू उड़ानें 13,000
हमले शुरू होने की तारीख 28 फरवरी
हवाई सुरक्षा सिस्टम भारी नुकसान का दावा

ईरान की तरफ से क्या जवाबी कार्रवाई की गई?

ईरान ने अमेरिका के इन दावों के बीच 1 अप्रैल की रात को इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के युद्ध विराम (Ceasefire) के लिए तैयार नहीं है और उसने वाशिंगटन की मांगों को गलत बताया है। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इन हमलों को युद्ध अपराध करार दिया है। इसके साथ ही ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने धमकी दी है कि दुश्मनों के लिए Strait of Hormuz का रास्ता बंद रखा जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.