अरब सागर में अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। US CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने USS Tripoli युद्धपोत का दौरा किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है। इस कदम से पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
USS Tripoli का दौरा और सैन्य तैयारी
2 मई 2026 को US CENTCOM के कमांडर Adm. Brad Cooper ने USS Tripoli (LHA 7) जहाज का दौरा किया। इस जहाज पर करीब 3,500 नाविक और मरीन्स तैनात हैं। कमांडर कूपर ने जहाज के मुख्य ऑपरेशन एरिया और कॉम्बैट इंफॉर्मेशन सेंटर का जायजा लिया। उन्होंने वहां काम कर रहे सैनिकों से बात की और उनके काम की सराहना की। यह जहाज 28 मार्च 2026 को ही इस इलाके में पहुंचा था और यह Tripoli Amphibious Ready Group का मुख्य जहाज है।
ईरान की घेराबंदी और जहाजों का बदला रास्ता
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की है। इसका मुख्य मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाना है। CENTCOM ने बताया कि पिछले 20 दिनों में इस नाकाबंदी की वजह से 48 जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस सैन्य कार्रवाई से समुद्री रास्तों पर काफी असर पड़ा है।
डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख और हॉर्मुज जलडमरूमध्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले में बहुत कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो भी जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में माइन बिछाने की कोशिश करेगा, उसे गोली मार दी जाएगी। ट्रंप ने ईरानी कार्गो और तेल जब्त करने की कार्रवाई का समर्थन किया है। साथ ही, उन्होंने ईरान के हालिया सीजफायर प्रस्ताव पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बातचीत अभी सही दिशा में नहीं जा रही है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
USS Tripoli जहाज क्या है और यह कहां तैनात है
USS Tripoli एक अमेरिका-क्लास उभयचर हमलावर जहाज है। वर्तमान में यह करीब 3,500 सैनिकों के साथ अरब सागर में तैनात है और 28 मार्च 2026 से इस क्षेत्र में सक्रिय है।
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी क्यों की है
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से यह नाकाबंदी शुरू की है ताकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए उस पर सैन्य और कूटनीतिक दबाव बनाया जा सके।