हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के बाद ऐसी खबरें उड़ी थीं कि कुवैत में ईरानी हमलों के कारण 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। इस पर US Central Command (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। CENTCOM का कहना है कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी मिलिट्री के किसी भी जवान की मौत या घायल होने की कोई खबर नहीं है और सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
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तनाव के बीच ईरान और अमेरिका का टकराव
यह घटनाक्रम तब हुआ जब 12 जुलाई 2026 को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया। अमेरिकी सेना ने ईरान के लगभग 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, नेवल क्षमताएं और गोला-बारूद के गोदाम शामिल थे। यह कार्रवाई Strait of Hormuz में एक कमर्शियल जहाज GF Galaxy पर हुए ईरानी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें एक नागरिक क्रू मेंबर की जान चली गई थी।
कुवैत में हुआ था ड्रोन हमला
ईरान के जवाबी हमलों के दौरान 12 जुलाई को कुवैत में भी हलचल देखी गई। कुवैत की सेना के अनुसार, एक ड्रोन ने Kuwait Oil Company के ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया, जिसमें एक वर्कर घायल हो गया था। साथ ही, उत्तरी कुवैत में 3 बॉर्डर पोस्ट को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि कुवैत की एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नाकाम कर दिया था।
पुरानी घटनाओं का संदर्भ
क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं। 1 मार्च 2026 को Operation Epic Fury के दौरान Port Shuaiba में एक ड्रोन हमले में 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। उस पुरानी घटना को लेकर अभी भी चर्चा बनी हुई है क्योंकि वहां तैनात सैनिकों ने सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप लगाए थे।
