US CENTCOM का बड़ा दावा, मिडिल ईस्ट में तैनात की दुनिया की सबसे ताकतवर सेना, ईरान पर कड़ा दबाव
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने मिडिल ईस्ट में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि वहां उनकी सभी ब्रांच की सेना तैनात है, जिसे दुनिया की सबसे घातक सैन्य शक्ति बताया गया है। यह कदम ईरान के साथ चल रहे विवाद और तनाव के बीच उठाया गया है।
US CENTCOM ने कितनी सेना तैनात की और क्या है मकसद?
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में करीब 50,000 सैनिकों को भेजा है। इसके साथ ही भारी संख्या में हवाई जहाजों और समुद्री जहाजों को भी तैनात किया गया है। US CENTCOM का कहना है कि यह दुनिया की सबसे मजबूत और घातक सैन्य ताकत है। इस तैनाती का मुख्य मकसद ईरान पर दबाव बनाना और अपने रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करना है।
ईरान के साथ युद्धविराम और समुद्री नाकेबंदी का क्या असर हुआ?
ईरान और अमेरिका के बीच हुआ दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो गया। इस दौरान अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर रखी थी। US CENTCOM के मुताबिक, उन्होंने ईरान की मिसाइल, ड्रोन और नौसेना की ताकत को काफी हद तक तबाह कर दिया है। हाल ही में 29 जहाजों को वापस लौटने या पोर्ट पर रुकने का आदेश दिया गया था।
ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल उत्पादन पर क्या असर पड़ेगा?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि नाकेबंदी की वजह से ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) का स्टोरेज जल्द ही भर जाएगा। इससे आने वाले कुछ दिनों में ईरान के तेल के कुएं बंद हो सकते हैं, जिससे उनके राजस्व पर भारी चोट पड़ेगी। दूसरी तरफ, ईरान ने इसके जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में यात्रा प्रतिबंध लगाने की बात कही है।