अमेरिका की सेना अलर्ट पर, ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी, CENTCOM ने जताई पूरी तैयारी
अमेरिका की सेना इस समय पूरी तरह तैयार है और हाई अलर्ट पर है। CENTCOM ने साफ किया है कि उनके जवान और हथियार किसी भी आदेश के लिए तैयार बैठे हैं। ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की जा रही है ताकि वहां जरूरी सामान की सप्लाई को रोका जा सके।
अमेरिका की सैन्य तैयारी का ब्यौरा
CENTCOM ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत बढ़ा दी है। इसके तहत F-16 फाइटर जेट्स की उड़ानें उड़ाई जा रही हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में मौजूद है। एडमिरल Brad Cooper ने पेंटागन में बताया कि पूरे मिडिल ईस्ट में दुनिया का सबसे बड़ा एयर डिफेंस सिस्टम तैयार किया गया है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों के साथ साथी देशों के जवान भी शामिल हैं।
ईरान पर नाकेबंदी के नियम और असर
ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई है। इसके नियमों के मुताबिक, अमेरिका दुनिया में किसी भी ऐसे जहाज को रोक सकता है जिसका संबंध तेहरान से हो। अगर किसी जहाज में हथियार, तेल, धातु या इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान मिलता है जो युद्ध में काम आ सकता है, तो उसे पकड़ा जाएगा। यह पाबंदी मुख्य रूप से ईरान के तटों और बंदरगाहों पर है, न कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर।
अधिकारियों के बयान और सैन्य ताकत
रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि अमेरिकी सेना अब पहले से ज्यादा ताकत और बेहतर खुफिया जानकारी के साथ तैनात है। जनरल Dan Caine ने भी पुष्टि की कि सेना किसी भी पल बड़े युद्ध ऑपरेशन शुरू करने के लिए तैयार है। अब तक 14 जहाज अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए वापस मुड़ चुके हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| जहाजों की संख्या | 12 से ज्यादा (USS Delbert D. Black और USS Abraham Lincoln शामिल) |
| विमानों की संख्या | 100 से ज्यादा (F-16 फाइटिंग फाल्कन सहित) |
| नाकेबंदी की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| अनुपालन करने वाले जहाज | 14 जहाज वापस मुड़े |
| मुख्य अधिकारी | Pete Hegseth, Gen. Dan Caine, Adm. Brad Cooper |