यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान पर पूर्ण समुद्री नाकेबंदी को पूरी तरह से लागू रखना जारी रखा है। अप्रैल 2026 से लागू इस नाकेबंदी का उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों से होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह से रोकना है। इस कार्रवाई की वजह से सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि ईरान की जवाबी हरकतों से पूरे इलाके की शांति पर असर पड़ रहा है।
यूएस सेंट्रल कमांड ने अब तक क्या बड़ी कार्रवाई की है?
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इस समुद्री नाकेबंदी को कड़ाई से लागू करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं:
- 4 जून 2026 तक मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे कुल 127 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है।
- नाकेबंदी के नियमों को लागू कराने के लिए अमेरिकी बलों ने अब तक 6 जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है।
- इस दौरान केवल मानवीय सहायता सामग्री लेकर जा रहे 36 जहाजों को ही आगे जाने की अनुमति दी गई है।
- 2 जून 2026 को बोत्सवाना के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Lexie को ईरान के खार्ग द्वीप की तरफ जाते समय अमेरिकी नौसेना ने रोककर निष्क्रिय कर दिया था।
ईरान के हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का पूरा मामला क्या है?
अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में ईरान की तरफ से ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की कोशिशें की गई हैं, जिसपर अमेरिकी सेना ने कड़ा पलटवार किया है। 1 जून 2026 को अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने गोरुक और केश्म द्वीप पर बने ईरानी रडार और ड्रोन कंट्रोल सेंटरों पर आत्मरक्षा में हवाई हमले किए। इसके बाद 2 जून को भी केश्म द्वीप पर ईरानी सैन्य ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर अमेरिकी बमबारी हुई।
सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन पर इसका क्या असर हुआ है?
इस पूरे सैन्य तनाव से खाड़ी के अन्य पड़ोसी देश काफी प्रभावित हो रहे हैं:
- सऊदी अरब: सऊदी अरब के अधिकारियों ने चिंता जताई है कि इस नाकेबंदी से हताश होकर ईरान ‘बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को बाधित कर सकता है, जो सऊदी के तेल निर्यात के लिए जीवन रेखा माना जाता है।
- कुवैत और बहरीन: कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैनिक ठिकानों को निशाना बनाकर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इस दौरान कुछ ईरानी मिसाइलें कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी गिरीं, जिससे वहां जान-माल का नुकसान हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान की यह समुद्री नाकेबंदी कब शुरू की थी?
अमेरिका ने औपचारिक रूप से ईरान की समुद्री नाकेबंदी अप्रैल 2026 के मध्य में शुरू की थी, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद लागू की गई थी।
क्या जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को रोका जा रहा है?
नहीं, यूएस सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया है कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों की तरफ आने-जाने वाले जहाजों पर लागू है। अन्य देशों के बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने दिया जा रहा है।
