अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुँच गया है। US CENTCOM ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) की नाकेबंदी के दौरान अब तक 65 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदलना पड़ा। यह नाकेबंदी अप्रैल महीने से चालू है और इसका असर अब दुनिया के समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर साफ दिख रहा है।
नाकेबंदी और जहाजों पर असर
US CENTCOM के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों पर आने और जाने वाले सभी समुद्री रास्तों की नाकेबंदी शुरू हुई थी। CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि यह नियम उन सभी जहाजों पर सख्ती से लागू किया जा रहा है जो ईरान जा रहे हैं या वहाँ से रवाना हो रहे हैं। 12 मई 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई की वजह से 65 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। यह नाकेबंदी उन जहाजों को रोकने के लिए की गई है जो प्रतिबंधात्मक या प्रतिबंधित तेल ले जा रहे हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई और नए नियम
अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 18 अप्रैल 2026 को नए निर्देश जारी किए। इन नियमों के तहत अब सिर्फ वही नागरिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकेंगे जो ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, सभी सैन्य जहाजों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। ईरान का कहना है कि यह इलाका उसके अधिकार क्षेत्र में आता है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दावे को मान्यता नहीं मिली है।
मौजूदा स्थिति और बढ़ता राजनीतिक तनाव
12 मई 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल युद्धविराम की स्थिति बहुत नाजुक है। इसी के साथ अमेरिका ने ईरान से जुड़ी कंपनियों पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। समुद्री ट्रैफिक के आंकड़ों से पता चला है कि सुरक्षा चिंताओं के कारण 6 मई 2026 के बाद से खुले रास्तों से गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगभग शून्य हो गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कब शुरू हुई थी
अमेरिका द्वारा यह नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे (ET) से शुरू की गई थी।
नाकेबंदी का जहाजों पर क्या असर पड़ा
US CENTCOM के अनुसार अब तक 65 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया और कई जहाजों को रोकने की कार्रवाई की गई।
