US CENTCOM Update: अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों पर कसा शिकंजा, 72 कमर्शियल जहाजों को रोका.

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी US CENTCOM ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाया है। 20 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने ईरान के बंदरगाहों की तरफ जाने वाले और वहां से आने वाले जहाजों पर अपना कड़ा पहरा बैठा दिया है। इस कार्रवाई के तहत पिछले चार हफ्तों में कुल 72 कमर्शियल जहाजों को या तो रोका गया है या उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे खाड़ी के इलाकों में तनाव का माहौल साफ देखा जा सकता है।
ईरान के बंदरगाहों पर फिर से शुरू हुआ नेवल नाकाबंदी का दौर
मिली जानकारी के अनुसार, यह ताजा नौसेना नाकाबंदी 14 जुलाई 2026 को दोपहर 4 बजे ET पर दोबारा शुरू की गई थी। इससे पहले भी इस तरह की कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी। हालांकि बीच में 18 जून 2026 को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक समझौता यानी memorandum of understanding (MOU) साइन हुआ था, जिसके बाद कुछ समय के लिए इन ऑपरेशंस को रोक दिया गया था। लेकिन जब आपसी विवाद फिर से भड़का, तो इस नाकाबंदी को अरब सागर और ओमान की खाड़ी से जुड़े सभी ईरानी बंदरगाहों पर दोबारा सख्ती से लागू कर दिया गया।
अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई और जहाजों पर रोक
सेंटकॉम के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह नाकाबंदी हर देश के उस जहाज पर लागू होती है जो ईरान की सीमा के अंदर या बाहर आ-जा रहा है। पिछले चार हफ्तों के दौरान अमेरिकी नौसेना ने कुल 67 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, 3 जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है और 2 जहाजों पर चढ़कर जांच भी की है। हालांकि अधिकारियों का यह भी कहना है कि जो जहाज ईरान के अलावा बाकी अन्य बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं, उनके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से निकलने की पूरी छूट है और उनकी नेविगेशन की आजादी सुरक्षित है।
मल्लाहों और नाविकों के लिए जरूरी निर्देश
ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सफर करने वाले सभी नाविकों और मल्लाहों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्हें लगातार नोटिस टू मैरिनर्स ब्रॉडकास्ट की निगरानी करने और ब्रिज-टू-ब्रिज Channel 16 के जरिए अमेरिकी नौसेना से संपर्क में रहने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके। वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन सभी देशों के खिलाफ आर्थिक युद्ध की नीति का ऐलान किया है जो ईरान को किसी भी तरह की मदद पहुंचा रहे हैं। दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों ने इन अमेरिकी कदमों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इन सब का नतीजा अमेरिका की और बड़ी हार के रूप में सामने आएगा। ईरान का साफ कहना है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य को तभी खोलेंगे जब अमेरिकी नौसेना अपनी नाकाबंदी खत्म करे और ईरान के आसपास से अपने सभी नौसेना और वायु सेना के बेड़े को पूरी तरह से हटा ले।