अमेरिकी सेना ने शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को अरब सागर में ईरान के एक जहाज़ M/V Sevan को बीच रास्ते में ही रोक लिया। यह कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने अपने नेवल ब्लॉकेड के तहत की है। अमेरिकी सेना ने इस जहाज़ को वापस ईरान की तरफ मुड़ने के लिए मजबूर किया और उसे एस्कॉर्ट करते हुए वापस भेजा।
M/V Sevan जहाज़ को क्यों रोका गया और क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 24 अप्रैल 2026 को M/V Sevan और 18 अन्य जहाज़ों को ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा बताते हुए उन पर पाबंदी लगाई थी। इन जहाज़ों का इस्तेमाल ईरान के अरबों डॉलर के तेल, गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे ऊर्जा उत्पादों को विदेशी बाज़ारों में पहुँचाने के लिए किया जा रहा था।
- ऑपरेशन का नाम: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस रणनीति को ‘Operation Economic Fury’ नाम दिया है।
- मकसद: इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य ईरान की कमाई के रास्तों को पूरी तरह बंद करना है।
- जहाज़ की जानकारी: M/V Sevan पनामा का झंडा रखने वाला LPG टैंकर है, जिसका मालिकाना हक Anka Energy and Logistics Company के पास है।
अमेरिकी कार्रवाई और ईरान की प्रतिक्रिया क्या रही?
इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अमेरिकी नेवी के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Pinckney के एक हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। 13 अप्रैल 2026 से लागू हुए नेवल ब्लॉकेड के बाद से अमेरिकी सेना अब तक कुल 37 जहाज़ों को वापस ईरान के बंदरगाहों की ओर मोड़ चुकी है।
दूसरी ओर, ईरान की सेना ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया है। ईरान ने इसे समुद्री डकैती और समुद्री लुटेरों जैसी हरकत बताया है और चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने यह ब्लॉकेड जारी रखा तो वे इसका जवाब ज़रूर देंगे। इसी तनाव के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ पाकिस्तान में होने वाली शांति बातचीत को भी रद्द कर दिया है।