अमेरिकी सेना की CENTCOM ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि ईरान के खिलाफ चल रही समुद्री नाकेबंदी के दौरान उन्होंने 30 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया है। अमेरिकी बलों ने दो जहाजों को पूरी तरह रोक दिया और दो अन्य पर सवार होकर उनकी जांच की। यह कार्रवाई ईरान के तटीय इलाकों और बंदरगाहों के पास समुद्री नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। हालांकि, मानवीय सहायता ले जा रहे लगभग 30 जहाजों को सुरक्षित जाने की अनुमति दी गई है।
क्या है अमेरिका का निर्देश
अमेरिकी सेना के अनुसार, जो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी गैर-ईरानी गंतव्य के लिए जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा। अमेरिकी बल उन जहाजों को चेतावनी देकर रास्ता बदलने का निर्देश दे रहे हैं जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यदि कोई जहाज नहीं मानता है, तो अमेरिकी मरीन उसके इंजन को निष्क्रिय कर सकते हैं या जहाज पर चढ़कर कार्गो की तलाशी ले सकते हैं। ओमान की खाड़ी में काम करने वाले सभी नाविकों को आधिकारिक प्रसारण पर नज़र रखने की सलाह दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि वे ईरान के परमाणु हथियार बनाने के सख्त खिलाफ हैं और उनका एकमात्र उद्देश्य जीत हासिल करना है।
कुवैत में ड्रोन हमले और तनाव
शुक्रवार को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब ईरान की सेना ने Kuwait में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाने का दावा किया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उन्होंने कुछ संदिग्ध ड्रोनों को मार गिराया है और इसे ईरानी आक्रामकता बताया है। इसके अलावा, ईरान ने आरोप लगाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों पर हमला किया गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के इन दावों को सिरे से खारिज किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि समुद्री रास्ता खुला है और इस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। यह तनाव इस साल की शुरुआत में शुरू हुई अमेरिका और ईरान के बीच की तनातनी का ही हिस्सा है।
