US Central Command का ईरान पर बड़ा एक्शन, 90% मिसाइल और ड्रोन ठिकाने तबाह, खाड़ी में तनाव बढ़ा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान में मौजूद खतरों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ जारी रखा है। एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, यह मिशन तय योजना के अनुसार चल रहा है और अब तक ईरान के 10,000 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस युद्ध के कारण ईरान की नौसैनिक शक्ति और मिसाइल बनाने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्र में सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है।
ईरान को अब तक सैन्य मोर्चे पर कितना नुकसान हुआ?
अमेरिकी सेना की रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में ईरान की युद्ध क्षमता काफी कम हो गई है। एडमिरल कूपर ने ताजा आंकड़ों के जरिए स्थिति साफ की है। खाड़ी में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह जानकारी महत्वपूर्ण है:
| नुकसान का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| नौसैनिक जहाज | ईरान के 92% बड़े जहाज नष्ट हो चुके हैं |
| मिसाइल और ड्रोन कारखाने | दो-तिहाई से ज्यादा उत्पादन केंद्र तबाह |
| लॉन्चिंग रेट | मिसाइल दागने की क्षमता में 90% की कमी आई |
| अमेरिकी सैनिक | 13 सैनिकों की मौत, 300 के करीब घायल |
शांति वार्ता और पड़ोसी देशों पर क्या असर पड़ा?
तनाव के बीच शांति की कोशिशें भी चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को शांति प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे ईरान ने सार्वजनिक रूप से बहुत कठिन बताया है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी ईरान की ओर से आने वाले 9 ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है।
- UAE की कार्रवाई: UAE रक्षा मंत्रालय ने अब तक कुल 1,815 ड्रोन और सैकड़ों मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है।
- सैनिकों की तैनाती: मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 50,000 से अधिक सैनिक और दो एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हैं।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को यहां से गुजरने नहीं देगा।
- UN की अपील: संयुक्त राष्ट्र ने तेल और गैस की सप्लाई रुकने के डर से युद्ध को तुरंत खत्म करने की मांग की है।
इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही किसी भी गुप्त बातचीत का हिस्सा नहीं है और वह ईरान की परमाणु क्षमताओं को खत्म होने तक अपने हमले जारी रखेगा।




