अमेरिकी सेना ने ईरान की तेल सप्लाई रोकने के लिए अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। US CENTCOM ने अब तक 42 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला है जिससे ईरान को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। खबर है कि ईरान का करोड़ों डॉलर का तेल अब समुद्र में ही फंसा हुआ है और देश के अंदर तेल रखने की जगह भी खत्म हो रही है।

ईरान के तेल टैंकर फंसे, कितना हुआ आर्थिक नुकसान?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक अब तक 41 टैंकर ऐसे हैं जिनमें करीब 69 मिलियन बैरल तेल फंसा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि इस तेल की कीमत 6 अरब डॉलर से ज्यादा है जिसे ईरान बेच नहीं पा रहा है। हाल ही में 29 अप्रैल 2026 को अमेरिकी मरीन ने अरब सागर में M/V Blue Star III नाम के जहाज को रोका था क्योंकि उस पर ईरान जाने का संदेह था। हालांकि जांच के बाद उसे छोड़ दिया गया लेकिन अब तक कुल 39 जहाजों का रास्ता बदलवाया जा चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप का सख्त रुख और ईरान की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान पर यह नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। ईरान ने एक प्रस्ताव रखा था कि पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए और फिर परमाणु बातचीत हो लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिकी नीतियों को बेकार बताया और ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाया।

ईरान में तेल स्टोरेज की कमी और सैन्य खतरा

  • स्टोरेज की समस्या: Kpler की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास अब केवल 12 से 22 दिनों का तेल स्टोर करने की जगह बची है।
  • बंदरगाह का हाल: चाबहार बंदरगाह पर पहले रोजाना 5 जहाज आते थे लेकिन अब 20 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं।
  • कड़े प्रतिबंध: अमेरिका ने 35 ईरानी संस्थाओं और लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं जिन्होंने तेल भेजने में मदद की थी।
  • सैन्य तैयारी: सेंटकॉम ने ईरान पर शक्तिशाली हमलों की योजना तैयार की है ताकि उसे बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके।

28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है जिससे पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट पर असर पड़ा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी क्यों लगाई है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर एक ठोस समझौता करे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि जब तक ऐसा नहीं होता तब तक नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी।

इस नाकाबंदी से ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?

ईरान के करीब 41 टैंकरों में 69 मिलियन बैरल तेल फंसा हुआ है जिसकी कुल कीमत 6 अरब डॉलर से ज्यादा बताई जा रही है।