अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास चल रही नाकाबंदी पर नया अपडेट दिया है। उनके मुताबिक अब तक 78 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है और 4 जहाजों को खराब कर दिया गया है। यह नाकाबंदी उन जहाजों के लिए है जो ईरान के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं।

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अमेरिकी नाकाबंदी का क्या है पूरा मामला?

यह नौसैनिक नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे (ET) शुरू हुई थी। अमेरिका ने एक राष्ट्रपति आदेश के बाद ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में जाने वाले जहाजों पर यह पाबंदी लगाई। CENTCOM के मुताबिक यह नियम सभी देशों के जहाजों पर एक जैसा लागू है जो अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के जरिए ईरान जा रहे हैं। एडमिरल ब्रैड कूपर ने साफ कहा कि अमेरिकी सेना इस नाकाबंदी को पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, जो जहाज ईरान के अलावा दूसरे देशों के बंदरगाहों पर जा रहे हैं, उनके रास्ते में कोई रुकावट नहीं डाली गई है।

ईरान और अन्य देशों की क्या प्रतिक्रिया है?

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने 16 मई 2026 को बताया कि अब ज़्यादा जहाजों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने दिया जा रहा है। ईरान का दावा है कि कई देशों ने उनके द्वारा बनाए गए नए कानूनी नियमों को मान लिया है। दूसरी तरफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 14 मई 2026 को इस मुद्दे पर बातचीत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के कुछ जहाज ईरान के नियमों को मानकर इस रास्ते से गुजरे हैं। वहीं, फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने Project Freedom नाम से एक अभियान चलाया था, लेकिन पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध पर इसे 6 मई 2026 को रोक दिया गया।

जहाजों की आवाजाही पर अब तक क्या असर पड़ा?

CENTCOM के आंकड़ों में पिछले कुछ दिनों में बढ़ोतरी देखी गई है। 14 मई को 70 से 72 जहाजों के रास्ता बदलने की खबर थी, जो 15 मई को बढ़कर 75 हो गई और अब 16 मई तक यह संख्या 78 तक पहुंच गई है। खराब हुए जहाजों की संख्या अभी भी 4 ही बनी हुई है। यह पूरा मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है क्योंकि यह व्यापारिक रास्तों को प्रभावित कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में नाकाबंदी कब शुरू हुई थी?

यह नौसैनिक नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे (ET) एक राष्ट्रपति आदेश के बाद लागू की गई थी।

क्या सभी कमर्शियल जहाजों का रास्ता रोका गया है?

नहीं, CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि केवल ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों पर पाबंदी है, बाकी देशों के लिए रास्ता खुला है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.