UAE और खाड़ी देशों में तनाव, अमेरिकी सेना ने रोके 53 कमर्शियल जहाज, ओमान में बातचीत जारी.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक कार्रवाई को तेज करते हुए बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी बलों ने फारस की खाड़ी और अरब सागर के पास कुल 53 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया और दो जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया। यह जानकारी 8 अगस्त 2026 को सामने आई है, जो अमेरिकी सेना द्वारा लागू किए गए सख्त नौसैनिक नाकेबंदी का हिस्सा है। इस पूरी कार्रवाई का असर अब खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
नौसैनिक नाकेबंदी और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए 14 जुलाई 2026 को यह नाकेबंदी फिर से शुरू की थी। अमेरिकी युद्धपोत जैसे USS Truxton, USS Rafael Peralta और USS Mason इस इलाके में लगातार गश्त कर रहे हैं। अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने नियमों का पालन न करने वाले जहाजों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए विदेशी झंडे वाले कई जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर मंडराता खतरा और ओमान में बातचीत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इस रास्ते को पूरी तरह से खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं। ईरानी शर्तों में अमेरिकी धमकियों को खत्म करना, नाकेबंदी हटाना, सैन्य संपत्तियों को वापस बुलाना, प्रतिबंध हटाना और युद्ध के नुकसान की भरपाई करना शामिल है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 8 अगस्त को बताया कि ओमान के साथ इस मार्ग को लेकर बातचीत आखिरी दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक रास्ते को पूरी तरह खोलने की कोई गारंटी नहीं दी गई है। ईरानी जनरल मोहम्मद मोहेब्बी ने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका शर्तें नहीं मानता, तब तक रास्ता बंद रहेगा। इसी बीच, 8 अगस्त को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के एक टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई हालांकि गनीमत यह रही कि किसी को चोट नहीं आई.
क्रिप्टोकर करेंसी पर प्रतिबंध और राजनीतिक बयानबाजी
अमेरिकी विदेश विभाग ने 7 अगस्त को ईरान से जुड़े क्रिप्टो नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया। यह कदम ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में उठाया गया है। अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह ईरान युद्ध की स्थिति को लेकर अमेरिकी जनता को गुमराह कर रहे हैं। सीनेटर ने इस संबंध में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बयान भी जारी किया, जिसे आप यहाँ देख सकते हैं। खाड़ी देशों में बढ़ते इस तनाव का असर यात्रा करने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है.