अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बढ़ाई सख्ती, नौसेना ने 65 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने खाड़ी देशों के पास समुद्र में बहुत बड़ा कदम उठाया है। 19 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ चल रहे नौसैनिक नाकेबंदी अभियान के तहत कुल 65 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य मकसद ईरान की समुद्री गतिविधियों पर लगाम कसना है, जिससे क्षेत्रीय तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।
जहाजों पर कड़ी कार्रवाई और नाकेबंदी
अमेरिकी सेना ने केवल जहाजों का रास्ता ही नहीं बदला, बल्कि नियमों का पालन न करने पर 3 जहाजों को बेकार कर दिया और 2 जहाजों पर बोर्डिंग यानी कब्जा करके जांच की। यह नौसैनिक नाकेबंदी इस साल 14 जुलाई 2026 को फिर से शुरू की गई थी, जो ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले सभी जहाजों पर सख्ती से लागू होती है। इस नाकेबंदी को लेकर कुवैत समाचार एजेंसी KUNA ने भी 20 अगस्त 2026 को ताजा अपडेट जारी किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति और मंत्रियों का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि नौसेना की यह नाकेबंदी पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी और ईरान के साथ फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने ईरान पर अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक पाबंदियां लगाने का ऐलान किया है और चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान की मदद करेगा, उसे बहुत भारी आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भी कहा है कि सरकार ईरान के खिलाफ दबाव का नया और कड़ा दौर शुरू करने की तैयारी कर रही है। वहीं रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अमेरिकी सेना जहाजों को बदलकर इस नाकेबंदी को लंबे समय तक जारी रखने की पूरी क्षमता रखती है।