अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में की गई। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण डिफेंस सिस्टम और स्टोरेज सेंटरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

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पूरी घटना 27 जून 2026 की है, जब सुबह करीब 4:30 बजे ईरान ने पानामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन से हमला किया। इस टैंकर में 20 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लदा हुआ था। इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर CENTCOM ने ईरान के अंदर कई जगहों पर हवाई हमले किए।

इन ठिकानों को बनाया गया निशाना

अमेरिकी सैन्य विमानों ने ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें ये शामिल थे:

  • निगरानी ढांचा (Surveillance infrastructure) और कम्युनिकेशन सिस्टम
  • एयर डिफेंस साइट्स और ड्रोन स्टोरेज सेंटर
  • माइनलेयर क्षमताएं, क्रूज मिसाइल और टारगेटिंग रडार

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला पिछले हमलों के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ा था। इससे पहले 25 जून को भी ईरान ने M/V Ever Lovely नाम के जहाज पर हमला किया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने 26 जून को भी ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया था।

समझौते की अनदेखी और नेताओं के बयान

बता दें कि 17 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच ‘इस्लामाबाद समझौता’ (Islamabad MoU) हुआ था। इस समझौते का मकसद युद्ध रोकना और जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना था। लेकिन अमेरिका का कहना है कि ईरान ने इस समझौते का पालन नहीं किया और जानबूझकर टैंकर पर हमला किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को एक मूर्खतापूर्ण गलती बताया और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अपनी हरकतें नहीं रोकीं, तो अमेरिका इसे पूरी तरह खत्म कर देगा। वहीं, उपराष्ट्रपति JD वेंस ने साफ कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव

इस बीच, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने खबर दी कि उन पर भी ईरानी ड्रोन से हमला हुआ है, जिसे उन्होंने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र (UKTMO) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और टैंकर के हिट होने की जानकारी दी है।

दूसरी तरफ, ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने भी जवाब में खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सरकारी टीवी ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य के उत्तर में धमाकों की खबर दी है।