अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि 9 मार्च 2026 तक ईरान के 5,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यह सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत की जा रही है जो पिछले महीने के अंत में शुरू हुई थी। इस बड़े हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या होगा असर?

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने शेल्टर-इन-प्लेस का आदेश जारी किया है। वहां रहने वाले नागरिकों को अपने घरों के अंदर रहने और खिड़कियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। सऊदी अरब और बहरीन के तेल ठिकानों पर हुए हमलों के बाद काम करने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने गैर-जरूरी कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने के निर्देश दिए हैं। भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय खबरों और दूतावास के निर्देशों पर नजर रखें।

तेल की कीमतों और बाजार की मौजूदा स्थिति

विवरण ताजा आंकड़े
Brent Crude Oil $119.50 प्रति बैरल (अधिकतम)
U.S. Gasoline $3.48 प्रति गैलन
युद्ध की लागत (CSIS) $3.7 बिलियन (शुरुआती 100 घंटे)
हॉर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक यातायात के लिए बंद

ईरान और सऊदी अरब की ओर से उठाए गए कदम

  • ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना है।
  • ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को निशाना बनाया है।
  • बहरीन की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने ड्रोन हमलों के बाद फोर्स मेज्योर का ऐलान किया है।
  • सऊदी कैबिनेट ने कहा है कि वह अपनी ऊर्जा संपत्तियों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार यह अभियान तय समय से काफी आगे चल रहा है।
  • हॉर्मुज की खाड़ी बंद होने से समुद्री रास्तों से होने वाला व्यापार पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.