US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के दो जहाजों को निशाना बनाकर उन्हें देश में घुसने से रोक दिया है। यह कार्रवाई 8 मई 2026 को की गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रही है।

अमेरिका ने ईरान के जहाजों के साथ क्या किया

CENTCOM ने जानकारी दी कि उन्होंने ओमान की खाड़ी में दो ईरानी जहाजों पर हमला किया ताकि वे ईरानी बंदरगाह पर न पहुँच सकें। 6 मई से अब तक कुल तीन ईरानी टैंकरों को इस तरह से रोका जा चुका है। यह सब अमेरिका द्वारा 13 अप्रैल 2026 से लागू की गई समुद्री नाकेबंदी (maritime blockade) का हिस्सा है। इस नियम के तहत ईरान के बंदरगाहों में आने और जाने वाले सभी जहाजों पर नजर रखी जा रही है।

Strait of Hormuz में टकराव और अमेरिकी कार्रवाई

7 मई 2026 को ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में US Navy ने आत्मरक्षा में स्ट्राइक की। इस ऑपरेशन में USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason जैसे गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल थे। अमेरिकी सेना ने ईरान की उन सैन्य सुविधाओं को तबाह कर दिया जहाँ से ड्रोन और मिसाइल छोड़े जा रहे थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को “love tap” बताया और कहा कि ईरान को अब किसी डील पर सहमत होना चाहिए।

Gulf देशों और प्रवासियों पर असर

इस लड़ाई के बीच UAE में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें आई हैं। Strait of Hormuz के रास्ते अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही तो जारी है, लेकिन तनाव के कारण यहाँ रहने वाले भारतीय प्रवासियों और यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है। CENTCOM ने कहा है कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरानी जहाजों को क्यों रोका?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की है। इस नियम के तहत ईरान के बंदरगाहों में प्रवेश करने वाले जहाजों को रोका जा रहा है।

क्या ईरानी हमलों में अमेरिकी जहाजों को कोई नुकसान हुआ?

CENTCOM के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईरानी हमलों के दौरान किसी भी अमेरिकी एसेट या जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुँचा।