US Central Command का बड़ा एक्शन, ईरान के खिलाफ नाकाबंदी में 59 जहाजों का बदला रास्ता और 3 को किया बेकार

अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी US Central Command (CENTCOM) ने 12 अगस्त 2026 को एक बड़ा ऐलान किया है। इस ऐलान के मुताबिक, ईरान के खिलाफ चल रही नौसैनिक नाकाबंदी के तहत कुल 59 कमर्शियल जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया है। इसके अलावा, कार्रवाई करते हुए 3 जहाजों को पूरी तरह से बेकार या अक्षम भी कर दिया गया है। अमेरिका की यह सख्ती उन व्यापारिक रास्तों को रोकने के लिए है जिनका इस्तेमाल ईरान अपने व्यापार के लिए करता है। इस नाकाबंदी का असर मुख्य रूप से Strait of Hormuz और Gulf of Oman जैसे बेहद अहम समुद्री रास्तों पर साफ देखा जा रहा है।
नाकाबंदी और पुरानी रिपोर्टों का हाल
अमेरिकी सेना की तरफ से यह सख्त कदम 14 जुलाई 2026 को फिर से लागू किया गया था। इस ताजा अपडेट से पहले भी CENTCOM की कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं, जिनमें आंकड़ों के हिसाब से थोड़े बदलाव देखने को मिले थे। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो 13 अप्रैल 2026 के बाद से करीब 55 से 62 जहाजों का रास्ता बदला गया था और 2 से 4 जहाजों को नाकाम किया गया था। अमेरिकी सेना अपनी इन कार्रवाइयों के जरिए ईरान की आर्थिक गतिविधियों पर लगाम कसने की लगातार कोशिश कर रही है ताकि क्षेत्रीय स्तर पर उसकी ताकत को कमजोर किया जा सके।
अमेरिकी हेलीकॉप्टर का हमला और जप्त जहाज
इस नाकाबंदी के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब 11 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेना के एक हेलीकॉप्टर ने पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर हमला कर दिया। यह जहाज नाकाबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद अमेरिकी हेलीकॉप्टर ने उसके इंजन रूम में मिसाइलें दाग दीं। माना जा रहा है कि यह वही घटना है जिसके तहत जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा, अमेरिकी युद्धपोत USS Rafael Peralta ने भी 11 अगस्त को ओमान की खाड़ी में पनामा के ही एक कंटेनर जहाज VELA NOVA को रोक लिया। अमेरिकी सेना को शक था कि यह जहाज भी ईरानी व्यापार में शामिल है।
बढ़ता तनाव और नेताओं के बयान
समुद्री मोर्चे पर हो रही इन सख्त कार्रवाइयों की वजह से पूरे इलाके में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 अगस्त को साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नियंत्रित करता है और उन्होंने इस नाकाबंदी को एक 'लोहे की दीवार' करार दिया। अमेरिका की इस आक्रामक नीति के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स (IRGC) ने भी विदेशी झंडे वाले जहाजों को पकड़ना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने 12 अगस्त 2026 को यह संभावना जताई कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही कोई शांति समझौता या डील हो सकती है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत इस तरह की नाकाबंदी की वैधता को लेकर कानूनी विशेषज्ञों के बीच अभी भी लंबी बहस जारी है।