ईरान पर अमेरिकी नौसेना की सख्त घेराबंदी, 45 जहाजों को रास्ते से हटाया, तनाव बरकरार

Aanya4 August 20262 min read62 viewsWorld
ईरान पर अमेरिकी नौसेना की सख्त घेराबंदी, 45 जहाजों को रास्ते से हटाया, तनाव बरकरार

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने 4 अगस्त 2026 को ईरान के खिलाफ चल रही अपनी समुद्री नाकेबंदी को और अधिक तेज कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत 45 कमर्शियल जहाजों को उनके निर्धारित रास्तों से हटाकर दूसरी दिशा में मोड़ दिया गया है। इसके अलावा, सेना ने चार अन्य जहाजों को रोककर उनकी गहन जांच की है। यह कड़ी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही सैन्य हलचल काफी तेज है। इससे ठीक एक दिन पहले, 3 अगस्त 2026 को भी 44 जहाजों को डाइवर्ट किया गया था और दो जहाजों को रोककर तलाशी ली गई थी।

नाकेबंदी और इसका मकसद

ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों के खिलाफ यह नौसैनिक घेराबंदी 13 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति की घोषणा के बाद शुरू हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह नियम उन सभी जहाजों पर समान रूप से लागू है जो ईरानी बंदरगाहों से आ रहे हैं या वहां जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी सेना ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस नाकेबंदी का मतलब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले उन जहाजों को रोकना नहीं है जो ईरान के बंदरगाहों से नहीं जुड़े हैं। अमेरिका का साफ रुख है कि यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक ईरान किसी समझौते पर राजी नहीं हो जाता या राष्ट्रपति Donald Trump के शब्दों में कहें तो पूरी तरह सरेंडर नहीं करता।

डिप्लोमेटिक कोशिशें और ओमान की भूमिका

एक तरफ जहां समंदर में सैन्य ताकत का प्रदर्शन हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिशें भी चल रही हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने बताया है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर कोई समझौता जल्द हो सकता है। ईरान ने भी ओमान के साथ होर्मुज के भविष्य के प्रबंधन को लेकर चल रही अपनी बातचीत को सकारात्मक बताया है। प्रवासी भारतीयों और खाड़ी देशों में काम करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में बदलाव और बढ़ते तनाव का सीधा असर सप्लाई चेन और सुरक्षा पर पड़ता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लुका-छिपी का खेल जारी है।

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