अमेरिका की सेना ने अरब सागर में ईरान के खिलाफ अपनी घेराबंदी और कड़ी कर दी है. US Central Command के मुताबिक, उनके जवान पूरी तरह अलर्ट पर हैं ताकि ईरान के बंदरगाहों पर पाबंदी जारी रहे. इस वजह से समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ गया है और तेल के जहाजों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है.

नाकाबंदी का ईरान पर क्या असर हुआ?

CENTCOM के कमांडर Admiral Brad Cooper ने बताया कि अब तक 42 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है. इसके अलावा, 41 कच्चे तेल के टैंकर रुके हुए हैं, जिनमें लगभग 69 मिलियन बैरल तेल है जिसकी कीमत 6 अरब डॉलर से ज्यादा है. अमेरिका ने ‘Operation Economic Fury’ शुरू किया है जिसका मकसद ईरान के तेल कारोबार और उसके नेटवर्क को रोकना है. इस पूरी कार्रवाई की वजह से Strait of Hormuz में शिपिंग प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?

राष्ट्रपति Donald Trump को Admiral Brad Cooper ने नई सैन्य योजनाओं की जानकारी दी है. ट्रंप का मानना है कि नाकाबंदी के जरिए ईरान पर दबाव बनाया जा सकता है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान नहीं माना तो सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यह नाकाबंदी कई महीनों तक चल सकती है. वहीं, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया और कहा कि यह कोशिश नाकाम होगी.

किन जहाजों और यूनिट्स ने संभाला मोर्चा?

इस ऑपरेशन में USS Spruance और USS Tripoli जैसे शक्तिशाली डिस्ट्रॉयर शामिल हैं. साथ ही 31st Marine Expeditionary Unit के अमेरिकी मरीन भी तैनात किए गए हैं. हाल ही में अमेरिकी मरीन ने M/V Blue Star III नाम के जहाज की तलाशी ली, जिसे बाद में छोड़ दिया गया. इससे पहले 19 अप्रैल 2026 को USS Spruance ने नियमों का उल्लंघन करने वाले ईरानी कार्गो जहाज M/V Touska को जब्त कर लिया था. यह पूरी नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से लागू है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी कब शुरू की थी?

यह समुद्री नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 से शुरू हुई थी, जिससे ईरानी बंदरगाहों में आने और जाने वाले सभी जहाजों के ट्रैफिक को प्रभावित किया गया है.

इस नाकाबंदी से ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?

अब तक 41 कच्चे तेल के टैंकर रुके हुए हैं जिनमें 69 मिलियन बैरल तेल है, जिसकी कुल कीमत 6 अरब डॉलर से ज्यादा बताई गई है.