अमेरिका की Central Command ने ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) की 60 से ज़्यादा छोटी नावों को निशाना बनाया है. यह कार्रवाई Strait of Hormuz और उसके आस-पास के समुद्री इलाकों में की गई है. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है.
इस हमले को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आ रही हैं. कुछ खबरों में कहा गया है कि दर्जनों नावों पर बड़ा हमला हुआ, वहीं कुछ अन्य रिपोर्ट इसे छोटा मामला बता रही हैं. जानकारी मिली है कि जब 13 तेज़ रफ़्तार नावें अमेरिकी नौसेना के जहाजों के करीब आईं, तब US Coast Guard के जहाजों ने उन्हें रोकने के लिए चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई थीं.
संख्या को लेकर भी काफी उलझन है. सैटेलाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, समुद्र के बीच वाले हिस्से में करीब 25 नावें ही देखी गईं, जो 60 नावों के दावे से अलग है.
क्षेत्र में अस्थिरता तब और बढ़ गई जब एक ब्रिटिश टैंकर पर मिसाइल जैसा हमला हुआ, जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमले शुरू हो गए. इसके अलावा Lark Island के दक्षिण में हुए हमलों और ईरान की मिसाइल स्टोरेज साइट्स के पास संदिग्ध हलचल की खबरें भी मिल रही हैं.
