दुनिया की नजरें इस वक्त हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टिकी हैं क्योंकि यहां से गुजरने वाले जहाजों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिका और चीन, जो अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ रहते हैं, अब इस बात पर सहमत हो गए हैं कि किसी भी देश या संगठन को इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पर टोल टैक्स वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह खबर उस समय आई है जब ईरान ने इस क्षेत्र में अपना नियंत्रण बढ़ाकर जहाजों से फीस वसूलने की कोशिश शुरू कर दी है।
अमेरिका और चीन के बीच क्या हुआ समझौता?
12 मई 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि उन्होंने चीन के साथ मिलकर इस बात पर सहमति बनाई है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग टोल लगाने का विरोध किया जाएगा। इस समझौते की नींव अप्रैल महीने में रखी गई थी, जब चीन के विदेश मंत्री Wang Yi और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।
- अमेरिकी बयान: अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने साफ किया कि कोई भी देश या संस्था अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर टोल नहीं वसूल सकती।
- चीन का रुख: चीन के दूतावास ने भी अमेरिका की इस बात को स्वीकार किया है और उम्मीद जताई है कि इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य और बिना किसी रुकावट के होगी।
- बड़ी बैठक की तैयारी: यह समझौता राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले हुआ है, जिसमें ईरान के मुद्दे पर चर्चा होगी।
ईरान की मनमानी और दुनिया पर इसका असर क्या है?
ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर अपना कब्जा जमाने के लिए Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक संस्था बनाई है, जिसके जरिए वह जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की मांग कर रहा है। ईरान ने इसे मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को खत्म करने की शर्त बनाया है।
- व्यापार पर चोट: 28 फरवरी 2026 से इस रास्ते के लगभग पूरी तरह बंद होने की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खबर है कि यहां जहाजों की आवाजाही पहले के मुकाबले घटकर सिर्फ 5% रह गई है।
- कंपनियों का डर: Maersk जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियां इस रास्ते का इस्तेमाल करने से बच रही हैं। वहीं जापान की Mitsui O.S.K. Lines ने साफ कह दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करेंगे और कोई फीस नहीं देंगे।
- टोल की वसूली: रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ जहाजों ने दबाव में आकर फीस चुकाई है, जिसमें एक भुगतान लगभग 20 लाख डॉलर का बताया गया है।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कई देश अब सैन्य और राजनयिक कदम उठा रहे हैं। अमेरिकी जनरल Dan Caine ने कहा कि ईरान दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है।
- ब्रिटेन की मदद: ब्रिटेन ने इस रास्ते को सुरक्षित करने के लिए HMS Dragon युद्धपोत, Typhoon फाइटर जेट और माइन-हंटिंग सिस्टम तैनात करने का फैसला किया है।
- खाड़ी देशों की चेतावनी: कतर के प्रधानमंत्री Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल खाड़ी देशों को ब्लैकमेल करने के लिए एक हथियार के तौर पर न करे।
- UN में हलचल: अमेरिका, बहरीन और अन्य खाड़ी देश मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में एक प्रस्ताव ला रहे हैं ताकि जहाजों की आजादी सुनिश्चित की जा सके, हालांकि चीन इस पर वीटो कर सकता है।
- खुलने की तारीख: अमेरिकी ऊर्जा विभाग का अनुमान है कि यह रास्ता मई के अंत तक बंद रह सकता है और जून में धीरे-धीरे फिर से खुलना शुरू होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में क्या समस्या चल रही है?
ईरान ने इस रास्ते पर नियंत्रण कर लिया है और जहाजों से टोल टैक्स वसूलने के लिए PGSA संस्था बनाई है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है।
यह रास्ता दोबारा कब तक पूरी तरह खुल सकता है?
अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह रास्ता मई के अंत तक बंद रहने की संभावना है और जून महीने से धीरे-धीरे जहाजों का आवागमन सामान्य हो सकता है।
