अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की वजह से अरब खाड़ी में हालात खराब हैं और अब चीन को इसमें दखल देना चाहिए। Rubio का मानना है कि अगर चीन ने ईरान को नहीं रोका, तो उसके खुद के व्यापारिक जहाजों को भारी नुकसान होगा और दुनिया में अस्थिरता बढ़ेगी।
चीन के लिए यह क्यों जरूरी है कि वह ईरान को रोके?
Marco Rubio ने Fox News को दिए इंटरव्यू में बताया कि चीन के पास ईरान को रोकने के लिए मजबूत आर्थिक और रणनीतिक कारण हैं। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में अनिश्चितता की वजह से चीन से जुड़े कई जहाज वहां फंसे हुए हैं। यह स्थिति चीन की एक्सपोर्ट इकोनॉमी के लिए खतरा है। Rubio ने चीन से अपील की कि वह ईरान को समझाए और इस विवाद को खत्म करने में मदद करे। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान को Strait of Hormuz पर नियंत्रण नहीं करने देगा।
ईरान-अमेरिका तनाव और क्षेत्र में बढ़ती हलचल
एक तरफ Rubio चीन की मदद मांग रहे हैं, वहीं राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि अमेरिका को चीन की जरूरत नहीं है और वह इस मसले को शांति से या किसी और तरीके से खुद सुलझा लेंगे। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने Kuwait पर आरोप लगाया है कि उसने ईरान की एक नाव पर हमला किया और चार नागरिकों को हिरासत में लिया। ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देने की बात कही है।
इस पूरे संघर्ष का असर दुनिया भर के तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। IEA की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में तेल की सप्लाई में करीब 39 लाख बैरल प्रतिदिन की कमी आ सकती है। साथ ही, पेंटागन के अनुसार ईरान के खिलाफ इस युद्ध में अमेरिका अब तक करीब 29 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। हालांकि, 13 मई को एक चीनी सुपरटैंकर सफलतापूर्वक Strait of Hormuz से गुजर गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
चीन के जहाज Strait of Hormuz में क्यों फंसे हैं?
ईरान की सैन्य हरकतों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव की वजह से जहाजों के सुरक्षित निकलने में अनिश्चितता है, जिससे चीन के कई व्यापारिक जहाज वहां फंसे हुए हैं।
ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का कितना खर्चा हुआ है?
पेंटागन के कॉम्प्ट्रोलर Jules Hurst के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध की अनुमानित लागत लगभग 29 अरब डॉलर हो चुकी है।
