अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक नया मोड़ ले चुका है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को चीन ने खुली चुनौती दे दी है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम के सैन्य ऑपरेशन को फिलहाल रोकने का फैसला किया है ताकि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ सके।

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चीन ने अमेरिका की नाकेबंदी को क्यों दी चुनौती?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का आदेश दिया था। लेकिन चीन ने इस कदम को खतरनाक और गैर-जिम्मेदार बताया है। चीन के रक्षा मंत्री Dong Jun ने साफ किया कि चीनी जहाज हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में आते-जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चीन के व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं और वे इनका सम्मान करेंगे। चीन का मानना है कि इस जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण है और यह चीन के लिए खुला है।

क्या है ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और इसे क्यों रोका गया?

अमेरिका ने जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ नाम का सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। हालांकि, 5 मई 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे रोकने का ऐलान किया। ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया है क्योंकि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इसे एक अस्थायी ऑपरेशन बताया था। हालांकि, ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी।

ईरान की प्रतिक्रिया और चीन के साथ मुलाकात

ईरान ने अमेरिका की नाकेबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जलमार्ग में आने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है। सोमवार को जब अमेरिकी सुरक्षा में दो व्यापारिक जहाज निकले, तो ईरान ने उन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। ट्रंप ने दावा किया कि इस दौरान ईरान की सात या आठ छोटी सैन्य नावें तबाह हो गईं। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi बीजिंग पहुंचे हैं ताकि चीन के राजनयिक Wang Yi के साथ चर्चा कर सकें। चीन अभी भी अमेरिकी प्रतिबंधों की परवाह किए बिना ईरान से तेल खरीद रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी पूरी तरह हटा ली है?

नहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ऑपरेशन भले ही रुक गया हो, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी अभी भी पूरी तरह लागू रहेगी।

चीन और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर विवाद क्यों है?

अमेरिका ने ईरान के व्यापारिक रास्तों को बंद करने के लिए नाकेबंदी की है, जबकि चीन का कहना है कि उसके व्यापारिक समझौते ईरान के साथ हैं और वह अपने जहाजों की आवाजाही जारी रखेगा।