अमेरिका और चीन के बीच तनाव कम करने और मिडिल ईस्ट में शांति लाने के लिए बीजिंग में एक बड़ी मीटिंग हुई है। अमेरिकी सीनेट के एक प्रतिनिधिमंडल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। यह मुलाकात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की चीन यात्रा के ठीक बाद हुई है, जिससे अब दुनिया की नजरें इन देशों की बातचीत पर टिकी हैं।

📰: Kuwait में सैलरी को लेकर बड़ा संकट, महीनों से खाली हाथ बैठे हैं टीचर्स, अब वॉलिंटियर्स ने संभाला मोर्चा

अमेरिका और चीन की मुलाकात में क्या बातें हुईं?

अमेरिकी सीनेट के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व Senator Steve Daines ने किया। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi से बातचीत की और कहा कि अमेरिका और चीन को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। दोनों पक्षों ने माना कि रिश्तों में स्थिरता जरूरी है और आपसी टकराव को कम करना होगा। Wang Yi ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप ने मुश्किल समय में द्विपक्षीय रिश्तों को सही दिशा देने में मदद की है। साथ ही उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की मांग की ताकि क्षेत्र में शांति लौट सके।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या है ताजा स्थिति?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी बीजिंग में मुलाकात की और कहा कि उन्हें चीन पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा करेगा और शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए एक उचित समझौते की कोशिश करेगा। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर और बड़े सैन्य हमले हो सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की मदद से बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है।

  • Project Freedom: ट्रंप ने जहाजों को रास्ता दिखाने वाले इस मिशन को कुछ समय के लिए रोक दिया है ताकि डिप्लोमैटिक कोशिशें हो सकें।
  • Naval Blockade: अमेरिकी सेना अभी भी ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रही है और हाल ही में 52 जहाजों को वापस मोड़ दिया गया।
  • Upcoming Summit: राष्ट्रपति ट्रंप 14-15 मई 2026 को राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने चीन जाएंगे।

मिडिल ईस्ट में और क्या बड़ी घटनाएं हुईं?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कई अन्य सैन्य गतिविधियां भी सामने आईं। इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह के एक सीनियर कमांडर मालेक बलूत की मौत हो गई। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने एक ईरानी तेल टैंकर पर फायरिंग की क्योंकि उसने नाकाबंदी के नियमों का उल्लंघन किया था। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी चीन से अपील की थी कि वह तेहरान पर अपना प्रभाव इस्तेमाल करे ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव कम हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का चीन दौरा कब है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई 2026 को चीन जाएंगे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी।

Strait of Hormuz की क्या स्थिति है?

चीन ने यहां सुरक्षित रास्ता बहाल करने की मांग की है, जबकि अमेरिकी सेना अभी भी ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी को सख्ती से लागू कर रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.