अमेरिका के एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने एक बड़ी बात कही है. उनका मानना है कि चीन अब ईरान के बजाय अमेरिका से ज़्यादा कच्चा तेल खरीदेगा. यह बदलाव ईरान के साथ चल रहे युद्ध और समुद्री रास्तों में आ रही दिक्कतों की वजह से हो रहा है. इस खबर से दुनिया के तेल बाज़ार में बड़ी हलचल मच गई है.

चीन अमेरिका से तेल क्यों खरीदेगा?

इस पूरे मामले की शुरुआत 14 मई 2026 को हुई जब चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के बीच बीजिंग में एक मीटिंग हुई. इस मुलाकात में चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका से ज़्यादा तेल खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाई. इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:

  • रास्ते की दिक्कत: चीन अब Strait of Hormuz पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है क्योंकि वहां तनाव ज़्यादा है.
  • ईरान युद्ध: ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से तेल की सप्लाई में खतरा बना हुआ है.
  • सुरक्षित सप्लाई: अमेरिका से तेल लेना चीन के लिए ज़्यादा सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है.

एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright का क्या कहना है?

15 मई 2026 को US एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि चीन अमेरिकी कच्चे तेल की खरीदारी बढ़ाएगा. उन्होंने कुछ अहम बातें साझा कीं:

  • चीन का प्रभाव: उन्होंने बताया कि ईरान पर चीन की पकड़ काफी मजबूत है और चीन इस प्रभाव को आसानी से नहीं छोड़ेगा.
  • समुद्री रास्ता: राइट का मानना है कि आने वाले समय में Strait of Hormuz की अहमियत कम हो सकती है.
  • समाधान की उम्मीद: उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता होता है, तो परमाणु कार्यक्रम का अंत हो सकता है और समुद्री रास्तों पर ट्रैफिक फिर से सामान्य हो सकता है.

दूसरी तरफ, चीन के विदेश मंत्री ने भी इसी दिन अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करने और Strait of Hormuz को जल्द से जल्द दोबारा खोलने की अपील की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

चीन अमेरिका से तेल खरीदने का फैसला क्यों कर रहा है?

चीन ईरान के साथ चल रहे युद्ध और Strait of Hormuz में होने वाली दिक्कतों से बचना चाहता है, इसलिए वह अमेरिका से तेल खरीदकर अपनी सप्लाई सुरक्षित करना चाहता है।

ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात कब और कहां हुई?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping की मुलाकात 14 मई 2026 को बीजिंग में हुई थी।