अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी सरकार ने दावा किया है कि Operation Epic Fury की शुरुआत से अब तक ईरान में 11,000 से ज्यादा ठिकानों को तबाह किया जा चुका है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि इन हमलों के कारण ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमला करने की ताकत में 90 फीसदी तक की कमी आई है। इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी वायुसेना के भारी-भरकम B-52 Stratofortress बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया गया है।

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अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के मुख्य आंकड़े क्या हैं?

अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ Dan Caine ने पुष्टि की है कि सैन्य ऑपरेशन अब निर्णायक दौर में पहुंच रहा है। पेंटागन के मुताबिक ईरान की नौसेना अब युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं रही है और उनके रक्षा उत्पादन ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

मुख्य जानकारी विवरण
कुल हमले 11,000 से ज्यादा ठिकाने
रक्षा बुनियादी ढांचा 70% तक नुकसान का दावा
ईरानी नौसेना 150 से ज्यादा जहाज नष्ट
हमलों में गिरावट 90% की कमी देखी गई

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने एक इंटरव्यू में कहा कि आने वाले कुछ हफ्तों में युद्ध के लक्ष्यों को पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल कुछ खास जगहों पर हमलों को रोका गया है ताकि कूटनीति के लिए मौका मिल सके।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर हुआ?

इस युद्ध का असर सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां के कारोबार पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। शेयर बाजार से लेकर हवाई यात्रा तक सब कुछ प्रभावित हुआ है।

  • शेयर बाज़ार: युद्ध शुरू होने के बाद से दुबई और अबू धाबी के शेयर बाज़ारों को लगभग 120 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।
  • हवाई यात्रा: सुरक्षा कारणों और तनाव की वजह से अब तक हजारों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को घर आने-जाने में परेशानी हो रही है।
  • ऊर्जा और तेल: राष्ट्रपति Donald Trump ने ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमलों को 6 अप्रैल तक रोकने का आदेश दिया है ताकि तेल की सप्लाई और बातचीत का रास्ता बना रहे।
  • सुरक्षा: इस्फहान जैसे शहरों में भारी बमबारी की खबरें हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।