ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने 28 मार्च, 2026 को दावा किया कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी नौसेना के सामरिक और युद्ध सहायता जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी इस दावे से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है, जिसमें ईरान की नौसेना को भारी नुकसान होने की बात कही गई है.

अमेरिकी और इज़रायली सेना का क्या कहना है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडम ब्रॉड कूपर ने 25 मार्च, 2026 को बताया था कि ईरानी नौसेना के 92% बड़े जहाज खत्म कर दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की दो-तिहाई से अधिक मिसाइल, ड्रोन और नौसैनिक उत्पादन सुविधाएं नष्ट कर दी गई हैं. 28 मार्च, 2026 को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान के 150 से अधिक जहाजों को क्षतिग्रस्त या नष्ट किया है. इसी दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष में “उनकी नौसेना और वायु सेना को खत्म करना” मुख्य उद्देश्यों में से एक बताया था.

संघर्ष में कौन-कौन शामिल हैं और क्या हुआ है?

अमेरिकी और इजरायली सेना ने 28 फरवरी, 2026 को ईरान के खिलाफ अपना सैन्य अभियान शुरू किया था. इसका मुख्य लक्ष्य IRGC नौसेना की संपत्तियां थीं, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी थी. संघर्ष की शुरुआत में ही अमेरिका और इजरायल ने हवाई क्षेत्र में अपनी ताकत दिखा दी, और उनके लड़ाकू विमानों को कोई नुकसान नहीं हुआ.

मार्च 2026 की शुरुआत में सैटेलाइट तस्वीरों में एक जलता हुआ Alvand-class frigate देखा गया था. CENTCOM ने एक Jamaran-class corvette के डूबने की भी घोषणा की थी. Chabahar और Bandar Abbas जैसे सैन्य बंदरगाहों पर भी हमले हुए. 27 मार्च को, IDF ने Yazd Province में एंटी-शिप मिसाइल और नौसैनिक खदान बनाने वाली सुविधा पर हमला किया, जबकि 25 मार्च को, Tehran में क्रूज मिसाइल बनाने वाली दो सुविधाएं नष्ट कीं.

अमेरिकी सेना को कितना नुकसान हुआ है?

संघर्ष के चार हफ्तों में अमेरिकी सेना ने ईरान पर 850 से अधिक Tomahawk क्रूज मिसाइलें दागी हैं. 28 मार्च, 2026 को सऊदी अरब के एक ठिकाने पर हुए ईरानी हमले में बारह अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे. हालांकि, इस घटना में अमेरिकी नौसेना के सामरिक और युद्ध सहायता जहाजों को किसी भी तरह के नुकसान का कोई विशिष्ट विवरण नहीं दिया गया है, जैसा कि IRNA न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.