Syria पर इसराइल का बड़ा हवाई हमला, अमेरिका ने कहा इस खतरनाक कदम से बढ़ेगा तनाव।

मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को इसराइल ने सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर मिलिट्री एयरबेस पर आठ एयरस्ट्राइक किए। इस हमले में बेस का रनवे और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इस हमले से ठीक एक दिन पहले, सोमवार, 17 अगस्त को एक तुर्की प्रतिनिधिमंडल ने इस बेस का दौरा किया था और वहां चल रहे पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की थी। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हो रही है।
अमेरिका और सीरिया की तीखी प्रतिक्रिया
सीरिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत और तुर्की में अमेरिकी राजदूत Tom Barrack ने इस सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस पूरे ऑपरेशन को एक गैर-जरूरी तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा होता है। अमेरिकी अधिकारी ने चिंता जताई कि इस हमले से पहले तुर्की केे कर्मियों को किसी भी तरह की पूर्व चेतावनी नहीं दी गई थी, जिससे वहां एक बड़ा सैन्य टकराव होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था। संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय इसराइल, तुर्की और सीरिया के बीच एक औपचारिक डीकफ्लिक्शन मैकेनिज्म यानी आपसी टकराव रोकने की व्यवस्था स्थापित करने पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। वहीं दूसरी ओर, सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shibani ने इन हमलों को सीरिया की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति Ahmed al-Sharaa का प्रशासन इसराइल के साथ तनाव कम करने की लगातार कोशिश कर रहा है, ऐसे में यह हमला सीरिया के खिलाफ एक सीधा आक्रामक कदम है। इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
इसराइल और तुर्की का पक्ष
इस पूरे मामले पर इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को हमलों का बचाव किया। इसराइली प्रशासन का कहना है कि सीरिया उस जगह पर तुर्की की सैन्य तैनाती को बढ़ावा देकर सुरक्षा स्थिति को तोड़ने की कगार पर था, जिसे इसराइल अपने लिए एक सीधा सुरक्षा खतरा मानता है। दूसरी तरफ, तुर्की के कम्युनिकेशंस निदेशालय ने इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और इन्हें गैर-कानूनी आक्रामकता को सही ठहराने वाले निराधार आरोप बताया। तुर्की के एक अधिकारी ने इस एयरबेस पर किसी भी तरह की सैन्य मौजूदगी की योजनाओं से साफ इंकार किया और इसराइली बयानों को क्षेत्र में अशांति फैलाने का एक बहाना बताया। यह पूरी घटना सीरिया की संप्रभुता, गोलान हाइट्स की स्थिति और नई सीरियाई सरकार के दौर में क्षेत्रीय भू-राजनीतिक संतुलन को लेकर चल रहे पुराने विवादों के बीच सामने आई है।