अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया है कि अमेरिकी बलों ने Strait of Hormuz के पास ईरानी मिसाइल लॉन्चरों और नौसैनिक जहाजों पर सुरक्षात्मक हमले किए हैं। यह कार्रवाई 25 मई 2026 को की गई, जिसके तुरंत बाद ईरान के बंदर अब्बास शहर और तटीय इलाकों में भारी धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से सुरक्षात्मक था और इसका उद्देश्य क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

अमेरिकी सेना ने ईरान पर क्यों की यह बड़ी कार्रवाई?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी विमानों को निशाना बनाने वाले एक मिसाइल साइट और खाड़ी में बारूदी सुरंग (माइन्स) बिछाने की कोशिश कर रहे दो ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के नियमों के तहत की गई थी। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी की जा रही है, हालांकि गैर-ईरानी जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी गई है।

तनाव के बीच क्या दोनों देशों में शांति समझौते पर बातचीत चल रही है?

यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे समझौते को लेकर चर्चा जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि शांति समझौते पर काफी हद तक सहमति बन गई है, लेकिन अंतिम हस्ताक्षर होने तक Strait of Hormuz की नाकेबंदी जारी रहेगी। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि दोनों पक्ष कई मुद्दों पर सहमत हुए हैं, लेकिन अंतिम समझौता अभी इतनी जल्दी होने की उम्मीद नहीं है। ईरान की मांगों में अमेरिकी नाकेबंदी हटाना, उसके फ्रीज किए गए फंड जारी करना और अमेरिकी सेना की क्षेत्र से वापसी शामिल है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अमेरिका ने किस तारीख को हमला किया है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने 25 मई 2026 को इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है, जिसके बाद दक्षिण ईरान के बंदर अब्बास शहर में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

अमेरिकी हमले में ईरान के किन ठिकानों को नुकसान पहुंचा है?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के दो जहाजों को नष्ट किया गया जो बारूदी सुरंग बिछा रहे थे, और बंदर अब्बास में एक मिसाइल साइट को भी तबाह किया गया।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.