अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीजफायर यानी युद्धविराम की बातचीत के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल लॉन्च ठिकानों और नावों को निशाना बनाकर आत्मरक्षा में हमले किए हैं। यह कार्रवाई हॉरमोज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास सोमवार, 25 मई 2026 को हुई, जिसकी पुष्टि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने की है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना ने क्यों किए यह हमले?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता Timothy Hawkins ने बताया कि अमेरिकी सेना ने अपने जवानों को ईरानी बलों के खतरों से बचाने के लिए दक्षिणी ईरान में यह आत्मरक्षा हमले किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, इन हमलों में उन ईरानी नावों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें (mines) बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके अलावा उन ठिकानों को भी नष्ट किया गया जहां से मिसाइलें लॉन्च की जा सकती थीं। इस कार्रवाई से ठीक पहले ईरान के तटीय शहरों जैसे बंदर अब्बास (Bandar Abbas), सीरिक (Sirik) और जास्क (Jask) में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं।
पहले भी हो चुकी है ऐसी सैन्य कार्रवाई
दोनों देशों के बीच इससे पहले भी मई महीने की शुरुआत में झड़प हो चुकी है। बीते 7 मई 2026 को अमेरिकी बलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। वह कार्रवाई तब की गई थी जब ईरानी सेना ने Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason पर मिसाइलों, ड्रोनों और छोटी नावों से हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, ताजा हमलों के बाद भी अमेरिका का कहना है कि वे युद्धविराम के दौरान संयम बरत रहे हैं और बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
सीजफायर वार्ता और डोनाल्ड ट्रंप का बयान
इन सैन्य हमलों के बीच दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस बातचीत को लेकर कहा कि ईरान के साथ वार्ता अच्छे तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि इस समझौते में सऊदी अरब और पाकिस्तान जैसे देशों को भी शामिल किया जाना चाहिए ताकि अब्राहम एकॉर्ड्स (Abraham Accords) का दायरा और बढ़ सके। बातचीत में ईरान के समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) को नष्ट करने या उसे किसी दूसरे देश को सौंपने पर भी चर्चा चल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी सेना ने ईरान पर ताजा हमले कब और कहां किए?
अमेरिकी सेना ने यह आत्मरक्षा हमले सोमवार, 25 मई 2026 को हॉरमोज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास और दक्षिणी ईरान के इलाकों में किए।
अमेरिकी हमलों में ईरान की किन चीजों को निशाना बनाया गया?
इस कार्रवाई में ईरानी सेना के मिसाइल लॉन्च ठिकानों और उन नावों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बंद हो गई है?
नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार सीजफायर और समझौते को लेकर बातचीत अभी भी जारी है और दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।