पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के तेल रिफाइनरियों और बिजली संयंत्रों पर हमले की योजना पर विचार शुरू कर दिया है। यह सैन्य कार्रवाई 1 से 2 अगस्त 2026 के बीच हो सकती है ताकि तेहरान को युद्धविराम शर्तों के लिए दबाव में लाया जा सके। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह बाजार खुलने से पहले यानी 3 अगस्त तक इसे अंजाम देने की तैयारी में है।
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नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी
यरूशलेम, अम्मान और बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित हमलों के लिए तैयार रहने को कहा है। White House की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि ईरान युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है और अमेरिकी जहाजों व सैनिकों पर हमले कर रहा है, जिसका जवाब देना जरूरी है। पेंटागन प्रवक्ता Sean Parnell ने भी पुष्टि की कि सेना किसी भी राष्ट्रपति आदेश के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की धमकी
ईरान के सुरक्षा अधिकारियों ने इन खबरों को पागलपन करार दिया है और दावा किया है कि उनके पास अमेरिका और इजराइल के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की पूरी योजना तैयार है। IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण होने की बात कही है और तेल टैंकरों पर हमले की सूचना है। साथ ही, Kuwait ने ईरान से भेजे गए ड्रोन्स को सरकारी सुविधाओं और नागरिक संपत्ति को निशाना बनाते हुए इंटरसेप्ट किया है। General Ali Abdollahi ने अन्य क्षेत्रीय देशों को चेताया है कि जो भी देश अमेरिका का रक्षा कवच बनेगा, उसे भी युद्ध की आग में जलना होगा।
