हाल ही में हुए ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से कुवैत और बहरीन समेत खाड़ी देशों में काफी नुकसान हुआ है. अब अमेरिका ने इस नुकसान की भरपाई के लिए एक बड़ा और अलग रास्ता निकाला है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहा है कि ईरान के जब्त किए गए पैसों का इस्तेमाल खाड़ी देशों में दोबारा निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए किया जाए. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के निर्देश पर एक टीम इस पूरे मामले का आकलन कर रही है, जिससे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ सकता है.
कुवैत और बहरीन में हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग उन सभी रास्तों की तलाश कर रहा है जिससे ईरानी संपत्तियों का उपयोग इन खाड़ी देशों की मदद के लिए किया जा सके. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे ईरान के पैसे का इस्तेमाल करने के लिए सभी कानूनी अधिकारों का उपयोग करेंगे. हाल ही में ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई थीं. कुवैत के रिहायशी इलाकों के ऊपर से 7 बैलिस्टिक मिसाइलें गुजरी थीं, जिससे सरकारी और निजी संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है. इन नुकसानों की भरपाई अब ईरान के ही पैसों से करने की तैयारी चल रही है.
ईरान की क्या है मांग और इस फैसले का क्या होगा असर?
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने कहा है कि किसी भी शांति समझौते के लिए अमेरिका द्वारा रोके गए उनके 24 अरब डॉलर के फंड को जारी करना जरूरी है. कुल मिलाकर दुनिया भर में ईरान के लगभग 100 अरब डॉलर के फंड पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं. ऐसे में अमेरिका द्वारा ईरान के पैसों को खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण में लगाने के इस नए प्रस्ताव से दोनों देशों के बीच युद्धविराम की कोशिशों को झटका लग सकता है. ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उनके पैसों को छुआ, तो वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने हमले और तेज कर देंगे.
| मुख्य बिंदु (Key Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| ईरान की जब्त कुल वैश्विक संपत्ति | लगभग 100 अरब डॉलर |
| शांति समझौते के लिए ईरान की तुरंत मांग | 12 अरब डॉलर (कुल 24 अरब डॉलर की मांग) |
| कुवैत पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलें | 7 मिसाइलें (रिहायशी इलाकों के ऊपर से निकलीं) |
| मध्यस्थता की कोशिश करने वाला देश | पाकिस्तान (गृह मंत्री मोहसिन नकवी द्वारा) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ईरान के पैसों का इस्तेमाल क्यों करना चाहता है?
हाल ही में ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए अमेरिका इन संपत्तियों का उपयोग करने पर विचार कर रहा है.
इस फैसले पर ईरान का क्या रुख है?
ईरान ने सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके जब्त पैसों का इस्तेमाल किया तो वह अमेरिकी ठिकानों पर हमले बढ़ा देगा. ईरान किसी भी शांति समझौते के लिए अपने फ्रीज फंड की मांग कर रहा है.
