अमेरिका ने पाकिस्तान के पेशावर में अपने Consulate को धीरे-धीरे बंद करने का बड़ा फैसला किया है। अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से जुड़े सभी डिप्लोमैटिक काम इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास (Embassy) संभालेगा। US State Department ने यह जानकारी दी है कि यह बदलाव सुरक्षा और संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए किया गया है।

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पेशावर Consulate बंद करने की वजह क्या है?

US State Department के प्रवक्ता ने बताया कि यह फैसला डिप्लोमैटिक स्टाफ की सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर लिया गया है। मार्च 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले से अमेरिका को हर साल करीब 7.5 मिलियन डॉलर की बचत होने की उम्मीद है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 3 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा, जिसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर को इस्लामाबाद और अन्य मिशनों में शिफ्ट करने के लिए किया जाएगा।

अब खैबर पख्तूनख्वा का काम कैसे होगा?

अब इस प्रांत से जुड़ी सभी राजनयिक जिम्मेदारियां सीधे तौर पर Islamabad Embassy को ट्रांसफर कर दी जाएंगी। अमेरिका ने साफ़ किया है कि पाकिस्तान के प्रति उसकी प्राथमिकताएं और नीतियां पहले जैसी ही रहेंगी। अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए खैबर पख्तूनख्वा के अधिकारियों और लोगों के साथ संपर्क बनाए रखेगा। पाकिस्तान में अमेरिका के अन्य ऑफिस जैसे इस्लामाबाद, कराची और लाहौर में काम पहले की तरह चलता रहेगा।

स्टाफ और कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?

  • पेशावर Consulate में अभी 18 अमेरिकी कर्मचारी काम कर रहे हैं।
  • इसके अलावा यहाँ 89 स्थानीय स्टाफ तैनात हैं।
  • क्लोजर की प्रक्रिया के बाद इन जिम्मेदारियों को अन्य अमेरिकी मिशनों में शिफ्ट किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पेशावर Consulate बंद करने का ऐलान कब हुआ?

US Department of State ने 5 मई 2026 को इस क्लोजर की घोषणा की थी, जिसकी जानकारी 6 मई को मीडिया में आई।

क्या अमेरिका पाकिस्तान से अपने रिश्ते खत्म कर रहा है?

नहीं, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उसकी नीतियां नहीं बदली हैं और वह इस्लामाबाद, कराची और लाहौर के ऑफिसों के जरिए रिश्ते मजबूत रखेगा।