दुनिया भर के बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आया है. 6 मई 2026 को अमेरिकी क्रूड ऑयल फ्यूचर्स एक डॉलर से ज्यादा बढ़कर 96.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया. यह बढ़त मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में शांति समझौते की कोशिशों और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत की वजह से हुई है.
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते में क्या है खास
व्हाइट हाउस के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक पेज के मेमोरेंडम पर बातचीत चल रही है. इस प्रस्तावित समझौते में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:
- यूरेनियम संवर्धन: ईरान अपनी यूरेनियम संवर्धन प्रक्रिया पर रोक लगा सकता है.
- प्रतिबंधों में राहत: अमेरिका ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटा सकता है.
- फंड की वापसी: ईरान की जमी हुई धनराशि उसे वापस दी जा सकती है.
- समुद्री रास्ता: जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोला जाएगा.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ई ने पुष्टि की है कि उनकी सरकार अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है और पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब देगी.
युद्ध का खतरा और सैन्य कार्रवाई की स्थिति
शांति की बातों के बीच तनाव भी कम नहीं हुआ है. अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है. 6 मई को अमेरिकी फाइटर जेट ने एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया और उसके रडर (rudder) को नष्ट कर दिया क्योंकि वह नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि अगर ईरान बातचीत के मुताबिक सहमति नहीं देता है, तो अमेरिका और भी बड़े स्तर पर हमले कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर समझौता होता है, तो दो महीने से चल रहा युद्ध खत्म हो सकता है और तेल व गैस की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी.
पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता की भूमिका
इस पूरे विवाद को सुलझाने में पाकिस्तान और चीन अहम भूमिका निभा रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोकने के फैसले की तारीफ की है. वह उम्मीद कर रहे हैं कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी.
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. ईरान ने इस मामले में चीन के सक्रिय सहयोग पर भरोसा जताया है, जबकि चीन ने जल्द से जल्द व्यापक युद्धविराम की जरूरत पर जोर दिया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
कच्चे तेल की कीमत में कितनी बढ़त हुई है?
6 मई 2026 को अमेरिकी क्रूड ऑयल फ्यूचर्स की कीमत एक डॉलर से अधिक बढ़कर 96.33 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?
समझौते में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन रोकने, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने, जमी हुई राशि वापस करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलने की बात शामिल है.